राजस्थान सरकार की ओर से राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) अधिकारी दिव्या मित्तल को क्लीनचिट दे दी है। तीन साल पहले एसीबी ने आरपीएस दिव्या मित्तल को अरेस्ट किया था। दवाई निर्माताओं से 2 करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी की ओर से कार्रवाई की गई थी। एसीबी की ओर से ठोस सबूत पेश नहीं कर पाने से आरपीएस दिव्या मित्तल के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति नहीं मिल पाई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई पर सवाल उठने से बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के मुताबिक, कार्मिक विभाग के अधिकारियों का मानना है कि आरपीएस दिव्या मित्तल के खिलाफ एसीबी ने कार्रवाई की। एसीबी की ओर से भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा-17ए के तहत कार्रवाई के लिए स्वीकृति नहीं ली गई। ट्रांसक्रिप्ट में काट-छांट की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित ऑडियो की FSL ने पुष्टि कर दी, लेकिन रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि आवाज किसकी थी। आरपीएस दिव्या मित्तल ने वॉयस सैंपल देने से मना कर दिया था। एसीबी की ओर से ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। एसीबी प्रस्ताव में खामियों के कारण सरकार की ओर से आरपीएस दिव्या मित्तल का पक्ष जानने के बाद अभियोजन स्वीकृति देने से इनकार कर दिया। केस में नाम हटाने के बदले मांगी थी रिश्वत
23 मई-2021 का जयपुर की विश्वकर्मा थाना पुलिस ने 5 करोड़ की दवाइयों से भरा एक टेम्पो पकड़ा था। अगले दिन अजमेर के रामगंज के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक गोदाम से 114 कार्टन नशीली दवाइयां बरामद की गई। सीबीआई की ओर से इस मामले में नोएडा, दिल्ली और कोलकाता में छापेमारी की थी। 16 करोड़ रुपए की दवाइयों के मामले की जांच एसओजी की अजमेर चौकी प्रभारी आरपीएस दिव्या मित्तल को सौंपी गई थी। हरिद्वार की दवा कंपनी ऑनर ने एसीबी में शिकायत की। शिकायत में बताया कि केस से नाम हटवाने के लिए आरपीएस दिव्या मित्तल ने बर्खास्त कॉन्स्टेबल के जरिए 2 करोड़ रुपए रिश्वत की मांगी थी। आरोप था कि कॉन्स्टेबल से 50 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। पहली किस्त के 25 लाख रुपए कॉन्स्टेबल को देने गया, लेकिन एसीबी ट्रैप फेल हो गया। एसीबी ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 17ए के तहत स्वीकृति के बिना ही 16 जनवरी-2023 को एसओजी की तत्कालीन एएसपी दिव्या मित्तल को रिश्वत मांगने के आरोप में अरेस्ट कर लिया। जमानत मिलने के बाद एसीबी ने आरपीएस दिव्या मित्तल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का एक ओर केस दर्ज किया था। इस संबंध में दिव्या मित्तल ने सरकार के समक्ष आरोप लगाया कि एसीबी ने मनगढंत साक्ष्य बनाकर षड्यंत्र के कार्रवाई की। ये खबर भी पढ़ें निलंबित एएसपी दिव्या ने जेलर के खिलाफ दी शिकायत:जेल में कैदियों के साथ लाइन में खड़ी फोटो बाहर आने पर मानहानी करने का आरोप लगाया एसओजी से निलंबित एएसपी दिव्या मित्तल ने अजमेर जेल अधीक्षक (जेलर) के खिलाफ कोर्ट में शिकायत (परिवाद) दर्ज करवाई है। दिव्या मित्तल ने जेल नियमों के उल्लंघन और कैदियों के साथ कतार में खड़े फोटो को सार्वजनिक कर मानहानी करने का आरोप लगाया (पूरी खबर पढ़ें)


