शहडोल में शासकीय बोर्ड निजी विज्ञापनों से ढके:मेडिकल कॉलेज पहुंचने में मरीजों को हो रही परेशानी; प्रशासन से कार्रवाई की मांग

शहडोल शहर में शासकीय संस्थानों के मार्गदर्शक बोर्ड निजी ढाबों और कैफे के बड़े प्रचार बोर्डों के पीछे छिप गए हैं। इससे बाहर से आने वाले मरीजों और एम्बुलेंस चालकों को सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 24 घंटे आपातकालीन सेवा देने वाले इस अस्पताल का संकेतक कई स्थानों पर स्पष्ट दिखाई नहीं देता। हाल ही में, उमरिया जिले से एक गर्भवती महिला को लेकर आ रही एम्बुलेंस शहडोल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रास्ते में भटक गई। रात का समय होने और एम्बुलेंस चालक को रास्ते की जानकारी न होने के कारण, निजी कैफे के बोर्ड के पीछे छिपे शासकीय संकेतक को न देख पाने से एंबुलेंस करीब दो किलोमीटर आगे निकल गई। चालक को संदेह होने पर वह वापस लौटा और एक निजी कैफे के बड़े बोर्ड के पीछे छिपा मेडिकल कॉलेज का संकेतक देखा, जिसके बाद महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका। एनएचएआई के शासकीय बोर्डों पर ढाबा-कैफे का कब्जा नेशनल हाईवे पर स्थित एक ढाबा संचालक ने तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर लगाए गए शासकीय बोर्ड पर ही कब्जा कर लिया है। इस बोर्ड पर ‘मेडिकल कॉलेज’ लिखा है, लेकिन उसके ऊपर ढाबे का बड़ा बोर्ड लगा दिए जाने से शासकीय सूचना अधूरी दिखती है। इसी प्रकार, मेडिकल कॉलेज तिराहे पर लगे दो शासकीय बोर्डों के सामने एक कैफे संचालक ने अपना भारी-भरकम बोर्ड लगा दिया है। स्थानीय निवासी तो किसी तरह मेडिकल कॉलेज तक पहुंच जाते हैं, लेकिन अन्य जिलों से आने वाले मरीज, उनके परिजन और एंबुलेंस चालक अक्सर रास्ता भटक जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय बोर्डों को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। यह कदम मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण संस्था तक पहुंचने में किसी की जान जोखिम में न पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *