रिजर्वेशन टिकट पर ट्रेनों का समय प्रिंट नहीं, यात्री हो रहे परेशान

रेलवे ने एक जनवरी से कई ट्रेनों का टाइम बदला है। नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम में समय बदल दिया गया है, इसका डेटा भी ऑनलाइन दिख रहा है। लेकिन, किसी भी ट्रेन में यात्रा के लिए ऑनलाइन या काउंटर से लिए रिजर्वेशन टिकट पर ट्रेनों के खुलने और पहुंचने का समय प्रिंट नहीं किया जा रहा। एनटीईएस पर दिख रहे लाइव परिचालन समय और वास्तविक समय में कोई बदलाव नहीं है। लेकिन, कुछ प्राइवेट रेलवे इनक्वायरी एप में परिचालन या वास्तविक समय में यात्रियों को बदलाव दिख रहा है। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। किसी की ट्रेन छूट रही है तो किसी को दौड़कर ट्रेन पकड़नी पड़ रही है। रेल मंडल रांची के सीनियर डीसीएम निशांत कुमार ने कहा कि एनटीईएस में सही डेटा होता है। यह वेबसाइट कभी धोखा नहीं देता। जहां तक टिकट में आगमन और प्रस्थान का समय नहीं लिखे जाने की बात है तो जनवरी और जुलाई में ट्रेनों के टाइम-टेबल चेंज होते हैं। इस समय रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (क्रिस) करीब दो हफ्ते का समय लेता है, ताकि टेक्निकली सभी चीजें दुरुस्त हो जाएं। टिकट में साफ लिखा है कि ​िडपार्चर से पहले समय चेक कर लें। टिकट में समय जल्द ही लिखा मिलेगा।
बार-बार इन्क्वायरी कर रहे पैसेंजर्स : अमरदीप सहाय टूर एंड ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरदीप सहाय ने कहा कि टिकट में आगमन और प्रस्थान का समय नहीं लिखे जाने से कई पैसेंजर्स को परेशानी हो रही है। वे बार-बार इन्क्वायरी करते हैं। जो पैसेंजर एजेंट्स के जरिए टिकट कटाते हैं, रेलवे द्वारा मैसेज भेजकर जो टाइम बताया जाता है, वह एजेंट के मोबाइल पर जाता है। यात्री परेशानी हो रहे हैं। मैसेज से समय पर दी जाती है जानकारी सीनियर डीसीएम ने कहा कि रेलवे द्वारा मोबाइल में समय की जानकारी समय पर दे दी जाती है। यदि किसी ट्रैवल एजेंट के माध्यम से टिकट कराते हैं तो यात्रियों को सावधानी बरतनी चाहिए। ट्रैवल एजेंट टिकट बुक करते हैं तो खुद का मोबाइल नंबर डाल देते हैं। रेलवे का मैसेज इसी नंबर पर आता है। कई एजेंट तो पैसेंजर को समय पर ट्रेन की टाइमिंग की जानकारी देते हैं, लेकिन कई बार नहीं दे पाते। पैसेंजर्स ने कहा… भागते-भागते स्टेशन पहुंचा सीनियर डीसीएम ने कहा- किसी ट्रैवल एजेंट के माध्यम से टिकट कराते हैं तो यात्रियों को सावधानी बरतनी चाहिए रेलवे का कहना… जनवरी और जुलाई में ट्रेनों के टाइम-टेबल चेंज होते हैं, सब कुछ ठीक होने में दो सप्ताह लगते हैं अरुण तिवारी ने कहा कि मंगलवार को ही रांची से शाम 4.25 गरीब रथ से दिल्ली के लिए चले थे। आज दिल्ली पहुंचा हूं। ट्रेन की टाइमिंग बदल गई है, यह पता नहीं था। रेलवे का मैसेज भी काफी लेट से मैंने देखा। सिर्फ 20 मिनट में स्टेशन पहुंचना था। कई महत्वपूर्ण सामान घर पर ही छोड़कर भागते हुए स्टेशन पहुंच गया। ऐसे में काफी दिक्कत हुई। अमित कुमार ने कहा कि मैं कांके का रहने वाला हूं और मुझे पटना के लिए ट्रेन पकड़नी थी। टिकट में तो समय नहीं लिखा हुआ था और मैंने अपने मित्र की मदद से टिकट करवाई थी। मेरे मित्र के मोबाइल में रेलवे ने मैसेज भेजा था, लेकिन उसने मुझे देरी से बताया। मुझे सिर्फ आधे घंटे का समय मिला और जल्दबाजी में हड़बड़ा कर स्टेशन पहुंचा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *