रिम्स में पीडियािट्रक सर्जरी विभाग में चल रहा इलाज पतंग के पीछे भागना 8 साल के बादल के लिए काल बन गया। हजारीबाग जिले के मांडू थाना क्षेत्र के बलसगरा का रहने वाला 8 वर्षीय बादल कुमार बुधवार दोपहर छत में पतंग के पीछे भागते हुए दूसरी मंजिल की छत से नीचे गिर गया। प्राइवेट हॉस्पिटल से तुरंत उसे रिम्स रेफर कर दिया गया। बादल की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में डॉ. अभिषेक रंजन की देख-रेख में उसका इलाज चल रहा है। इससे पहले बुधवार को जैसे ही परिजन उसे लेकर रिम्स पहुंचे, करीब 40 मिनट गंभीर स्थिति में बच्चे को एंबुलेंस में ही वेंटिलेटर के सहारे रहना पड़ा। क्योंकि रिम्स की आईसीयू में बेड खाली नहीं था और बादल की स्थिति काफी गंभीर थी। इस दौरान पीडियाट्रिक, न्यूरो, ऑर्थो समेत अन्य विभाग के डॉक्टर भी एक विभाग से दूसरे में भर्ती करने के लिए टाल-मटोल करते रहे। 40 मिनट एंबुलेंस में तड़पने के बाद उसे सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया। पतंग उड़ाते समय इन बातों का रखें खास ख्याल… {छत पर पतंग उड़ाने से पहले, यह सुनिश्चित कर लें कि छत के किनारों पर बाउंड्री वॉल बनी हुई हो। {पतंग उड़ाने के लिए खुले मैदान या ऊंची बाउंड्रीवॉल वाली छत का चुनाव करें। {पतंग उड़ाते समय बच्चों को मांझे से दूर रखें और हाथों में दस्ताने पहनें। {पतंग उड़ाते हुए पॉवर लाइन या बड़े बिजली के खंभों के पास न जाएं। {पतंग उड़ाते समय धूप तेज होने पर चक्कर आने से बचने के लिए सनस्क्रीन लगाएं। बड़े निगरानी जरूर रखें… जब भी बच्चे छत पर जाएं, साथ रहें : डॉ. बी. कुमार पतंग उड़ाने में घायल बच्चे को रिम्स लेकर पहुंचे अभिभावक। पतंग बच्चों को आकर्षित करता है। बच्चे न सिर्फ पतंग उड़ाते हैं, बल्कि पतंग के पीछे भागते हैं, पतंग को छूने की कोशिश करते हैं। बतौर एक्सपर्ट रिम्स मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. बी. कुमार ने कहा कि सिर्फ छत से गिरने की समस्या नहीं है, मांझे से हाथ कटने के मामले भी अस्पताल पहुंचते हैं। मैदान में पतंग के पीछे भागते हुए तेजी से दौड़ने के क्रम में भी पैर-हाथ टूटने के मामले अस्पताल पहुंचते हैं। बच्चे जब भी छत पर जाएं तो अगले 10 से 15 दिनों तक उन पर कड़ी निगरानी रखें। अकेले छत पर जाने न दें। पतंग भी अपनी निगरानी में ही उड़ाने दें। बादल के रिश्तेदार ने बताया कि चोट लगने के बाद बुधवार को उसे नजदीकी अस्पताल से तुरंत रांची रेफर कर दिया गया। रिम्स में बेड खाली नहीं रहने के कारण पहले क्यूरेस्टा हॉस्पिटल में भर्ती किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि ब्रेन में गंभीर चोट लगी है। सिर व नाक की हड्डी भी टूट गई है। बायीं ओर का जबड़ा भी डैमेज हो गया है। एक पैर की हड्डी भी टूट गई है। मल्टीपल इंज्युरी के कारण उसे रिम्स भेजा गया। घटना के बारे में परिचित संतोष कुमार ने बताया कि छत में खेलने गया था, जहां उड़ती पतंग को देखकर उसके पीछे भागने लगा। इस क्रम में वह छत से नीचे गिर गया। स्थिति गंभीर… एक पैर की हड्डी भी टूटी, रिम्स की आईसीयू में भर्ती परिजनों ने बताया- बेड खाली नहीं रहने के कारण 40 मिनट एंबुलेंस में रहा घायल


