भास्कर न्यूज | अमृतसर दो साल से नगर निगम भंग होने के चलते नगर के विकास काम तो प्रभावित हुए ही बल्कि रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों के लिए भी लोगों को जूझना पड़ रहा है। आज हालात यह हैं कि पूरा शहर सीवरेज, सफाई, पीने के गंदे पानी की सप्लाई, स्ट्रीट लाइट, कुत्तों का आतंक और खस्ता हाल गलियों-सड़कों को लेकर त्राहि-त्राहि कर रहा है। खैर, अब निगम चुनाव हो चुके हैं और हाउस गठन को लेकर उठा-पटक जारी है। खैर, जनता द्वारा चुने गए नुमाइंदे हाउस बनने का इंतजार कर रहे हैं। इनका दावा भी है कि जनता ने उनको जिताया ही इसलिए है कि वह उसकी मुश्किलें हल करेंगे और वह उसकी उम्मीदों को हर हाल में खरा उतरेंगे। वार्ड-12 में भी आम वार्डों जैसी समस्याएं हैं। पहले कांग्रेस के पार्षद रहे नरिंदर तुंग को जनता ने फिर मौका दिया है। उनका कहना है कि वार्ड में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या आम है। इसके चलते पीने के पानी में उसका गंदा पानी मिक्स होकर लोगों के घरों में आ रहा है। इसके अलावा काफी इलाकों में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं और अंधेरे में हादसे और आपराधिक घटनाएं होती हैं। इसी तरह से सड़कें और गलियां भी कई इलाकों में खस्ता हाल हैं। हाउस बनने के बाद यह सारा काम करवाएंगे। वार्ड-44 से कांग्रेस के पार्षद जसविंदर सिंह शेरगिल का कहना है कि इस इलाके से पहले उनकी माता पार्षद थीं। इस बार सीट रिजर्व होेने के चलते वह चुनाव लड़े और जनता ने जिता दिया है। उनका कहना है कि काफी काम पहले की टर्म में हो चुका है लेकिन इधर दो साल से काम न होने के चलते मुश्किलें बढ़ी हैं। उनका कहना है कि इस वक्त अन्य समस्याओं के अलावा स्ट्रीट लाइट और आवारा कुत्तों की मुश्किल है। हाउस बनते ही पहले इस पर काम होगा। वार्ड-2 से आम आदमी पार्टी के पार्षद अमरजीत गुमटाला पहली बार जीते हैं और जनता की सेवा को लेकर खासे उत्साहित भी हैं। उनका कहना है कि सरकार और अवाम ने मौका दिया है नहीं चुकेंगे। यहां वार्ड में वाटर सप्लाई और गलियां तथा सड़कों की कुछ समस्या है। उनका कहना है कि घर-घर जाकर लोगों से समस्याएं अभी से सुनी जा रही हैं। उनका कहना है कि वार्ड में लोहारका रोड और मीरांकोट के बीच में सरकारी डिस्पेंसरी का अभाव है। हाउस बनते ही वह मोहल्ला क्लीनिक खुलवाएंगे।


