पावर ऑफ हैबिट्स पर लेक्चर, डॉ. केशवानंद बोले- आदत का त्याग करना मुश्किल काम

भास्कर न्यूज | चरही राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर सर्विस रोड और नाली निर्माण के लिए एनएचआई द्वारा खोदे गए गड्ढे अब चरही वासियों के लिए बड़े संकट का रूप ले चुकी हैं। दिवाली से पहले तेजी से शुरू किया गया यह काम अब पूरी तरह ठप है। सड़क के दोनों किनारे बने गहरे गड्ढों और बिखरी मिट्टी ने रिहायशी और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र की स्थिति बिगाड़ दी है। रोजमर्रा की राह गुजरना लोगों के लिए खतरे से खेलना जैसा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार काम बीच में छोड़कर अन्य साइट पर चला गया, लेकिन अव्यवस्था और जोखिम भरा माहौल यहां छोड़ गया। सर्विस रोड के नाम पर खोदी गई लंबी खाई अब ‘मौत का गड्ढा’ साबित हो रही है। रात में इन गड्ढों को पहचानना मुश्किल है और दोपहिया चालक फिसलने से हर समय त्रस्त रहते हैं। पैदल चलने वाले तो इस रास्ते को पार करने में ही हिम्मत जुटाते हैं। भास्कर न्यूज | हजारीबाग विनोबा भावे विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज यूसेट में पावर ऑफ हैबिट्स विषय पर एक प्रेरणादायक चर्चासत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में इस्कॉन के सीनियर मेंटर डॉ. केशवानंद दास प्रभु उपस्थित रहे। साथ ही इस्कॉन हज़ारीबाग के मैनेजर वीरभद्र दास, यूसेट के निदेशक डॉ. आशीष कुमार साहा, ईसीई विभाग के विभागाध्यक्ष सुवीर कुमार, अन्य प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में एसीई विभाग के विभागाध्यक्ष सुवीर कुमार ने अतिथियों का परिचय कराया। निदेशक डॉ. आशीष कुमार साहा ने अतिथियों का पौधा भेंटकर स्वागत किया। मुख्य वक्ता डॉ. केशवानंद दास प्रभु ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी आदत की शुरुआत करना आसान होता है, लेकिन उसे त्यागना अत्यंत कठिन। जीवन में लक्ष्य प्राप्ति हेतु सही आदतों का निर्माण आवश्यक है। उत्साह, दृढ़ निश्चय, धैर्य, ईश्वर के प्रति प्रार्थना, कुसंग का त्याग और महापुरुषों की जीवनी का अध्ययन इनके माध्यम से अच्छे संस्कार और आदतें विकसित की जा सकती हैं। अंत में प्रो. रंजीत कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसके साथ ही कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

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