राजस्थान रोडवेज ने कंडक्टरों के हित में एक महत्वपूर्ण और बड़ा निर्णय लिया है। अब जिन कंडक्टरों का राजस्व बेहतर है, उन्हें बार-बार रूट बदलने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
रोडवेज मुख्यालय ने निर्देश जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि अधिक आय अर्जित करने वाले कंडक्टरों को अब एक ही रूट पर स्थायी रूप से चलाया जाएगा। यह कदम कंडक्टरों की आय को स्थिर करने और उनके मनोबल को मजबूती देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रूट बदलने से प्रभावित हो रही थी औसत आय रोडवेज द्वारा हाल ही में की गई एक समीक्षा (Review) में यह बात सामने आई थी कि कई डिपो (आगारों) में ऐसे कंडक्टरों के रूट भी अनावश्यक रूप से बदल दिए जाते थे, जो लगातार अच्छी कमाई कर रहे थे। इस अस्थिरता के कारण न केवल उनकी औसत आय प्रभावित हो रही थी, बल्कि उनके काम को लेकर उनका उत्साह और समर्पण भी कम हो रहा था। प्रबंध निदेशक ने जारी किए कड़े निर्देश इस समस्या को देखते हुए, राजस्थान रोडवेज के प्रबंध निदेशक (MD) पुरुषोत्तम शर्मा ने सभी आगार प्रबंधकों को एक पत्र जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं।
* जिन कंडक्टरों की औसत कमाई 40 रुपए प्रति किलोमीटर तक है, उन्हें अब एक ही रूट पर स्थायी ड्यूटी दी जाए। * ऐसे कंडक्टरों का रूट अनावश्यक रूप से बार-बार न बदला जाए। * ड्यूटी के दौरान कंडक्टरों द्वारा बताई गई समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
लाभदायक रूटों पर भी बदले गए थे परिचालक लाभदायक (Profitable) रूटों पर अच्छी आय देने के बावजूद परिचालकों के रूट बदलने के मामले पहले भी सामने आए हैं।
यह समस्या केवल कंडक्टरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि अच्छा डीजल एवरेज देने वाले कई ड्राइवरों को भी अच्छे रूट से हटाए जाने की शिकायतें मिली थीं। बढ़ेगा आत्मविश्वास और राजस्व
मुख्य प्रबंधक गिरीराज स्वामी कहा कि रूट की स्थिरता से कंडक्टरों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपनी ज़िम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा सकेंगे। “एक ही रूट पर लगातार काम करने से न केवल उनकी आय स्थिर रहेगी, बल्कि यात्रियों को भी अधिक सुचारू और भरोसेमंद सेवा मिलेगी। इसके साथ ही, रोडवेज के राजस्व में भी सुधार होने की पूरी उम्मीद है।


