सलूंबर में राज्य सरकार के दो साल पूरे होने के पर कैबिनेट मंत्री राजस्व और उपनिवेशन विभाग के हेमंत मीणा ने जिले के समग्र विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट मद से जिले में 107.47 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। 8 विभागों के कुल 889 कार्यों को मंजूरी इन स्वीकृतियों के तहत 8 विभागों के कुल 889 कार्यों को मंजूरी मिली है। इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना और सामाजिक कल्याण योजनाओं को गति प्रदान करना है। 416.36 लाख रुपए की केशलैस चिकित्सा सुविधा स्वास्थ्य, महिला एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भी कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत जिले में 73,522 लाभार्थियों को 416.36 लाख रुपए की केशलैस चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई। लाडो प्रोत्साहन योजना में 4,367 लाभार्थियों को 2 करोड़ 18 लाख 35 हजार रुपए की राशि आवंटित की गई, जबकि जननी सुरक्षा योजना के तहत 10,602 लाभार्थियों को 1 करोड़ 48 लाख 42 हजार 800 रुपए की सहायता राशि मिली। 17,570 मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए कृषि और पशुपालन क्षेत्र को भी मजबूती मिली है। किसानों को मृदा स्वास्थ्य की जानकारी देने के लिए 17,570 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। जंगली और घरेलू पशुओं से फसलों की सुरक्षा हेतु 1,41,750 मीटर तारबंदी कराई गई, जिस पर किसानों को 155 लाख रुपए का अनुदान दिया गया। मंगला पशु बीमा योजना में 9,784 लाभार्थियों को पशु मृत्यु दावा वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त, डेयरी और पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 514 पशुपालकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए, जिनके माध्यम से 173.25 लाख रुपए का ऋण वितरित हुआ। सोलर संयंत्र स्थापित किए ऊर्जा क्षेत्र में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में 0.64 मेगावाट क्षमता के सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। किसानों के बिजली बिलों में कुल 10,920 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है। हाड़ा रानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 5 कक्षा कक्ष एवं 5 लैब कक्ष निर्माण हेतु राज निधि से 100 लाख, महाविद्यालय विकास समिति से 50 लाख तथा विद्यार्थी मद से 200 लाख, कुल 350 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। 2.85 लाख पौधे वितरित किए गए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चालू वित्तीय वर्ष में 2.85 लाख पौधे वितरित किए गए, 225 हैक्टेयर क्षेत्र में 0.52 लाख पौधारोपण किया गया तथा 3.85 लाख नवीन पौध कार्य प्रगतिरत हैं।शहरी-ग्रामीण विकास को रफ्तार वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार द्वारा नगर वन सोनार माता (सलूंबर) हेतु बजट आवंटन किया गया है, । इसके साथ ही बॉटनिकल गार्डन, केवड़ा की नाल (सराड़ा रेंज) का कार्य भी जारी है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना/राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत 1,21,916 परिवारों को लाभान्वित करते हुए 62,377.31 टन गेहूं वितरित किया गया।आवास, सड़क और श्रमिक कल्याण प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 93 लाभार्थियों को 108.50 लाख रुपए का केंद्रीय अनुदान जारी किया गया। 93 लाभार्थियों को 108.50 लाख रुपए का अनुदान मिला इनमें 57 आवास पूर्ण, 36 निर्माणाधीन हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3,259 आवास पूर्ण कर 7,421.49 लाख रुपए व्यय किए गए, जबकि 15,032 आवासों का कार्य प्रगतिरत है। जिले में सड़कों के विकास पर 3,437.42 लाख रुपए खर्च कर 43.25 कि.मी. सड़क कार्य किए गए, जिनमें 33.75 कि.मी. नवीन सड़कें शामिल हैं।जनजातीय अधिकार और श्रमिक सहायता गत दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी वनाधिकार अधिनियम के तहत 7 वनाधिकार हक पत्र जारी किए गए। ग्रामीण सेवा शिविर अभियान में 1,494 लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। निर्माण श्रमिक औजार/टूल किट सहायता योजना में 53 श्रमिकों को 1.06 लाख रुपए की सहायता दी गई। वहीं श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 12,563 लाभार्थियों को 12.78 करोड़ रुपए की सहायता राशि वितरित की गई।कुल मिलाकर, राज्य सरकार के दो वर्षों में जिले में विकास, जनकल्याण और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिनका सीधा लाभ आमजन तक पहुंच रहा है।


