सिवनी जिले में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कड़ाके की ठंड के बावजूद जिले के सरकारी स्कूलों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सुबह 7 बजे बच्चों को ठंड में स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे अभिभावक चिंतित हैं। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इससे एक दिन पहले गुरुवार को यह 10.4 डिग्री सेल्सियस और बुधवार को 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। सरकारी स्कूलों का समय नहीं बदला निजी स्कूलों ने ठंड को देखते हुए अपने समय में बदलाव कर दिया है, लेकिन सरकारी स्कूलों में अब तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि सुबह के समय तापमान में कम रहता है, जिससे बच्चों को स्कूल भेजने में परेशानी हो रही है। उनका तर्क है कि इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है और सर्दी-खांसी के मामले बढ़ रहे हैं। छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें सुबह स्कूल जाते समय तेज ठंड लगती है। राधे यादव, जय राय और हेमंत सेहत सहित अन्य अभिभावकों ने कहा कि यदि स्कूल लगने का समय थोड़ा बढ़ा दिया जाए तो बच्चों को राहत मिल जाएगी। सुबह स्कूल का समय साढ़े 8 होना चाहिए। शीतलहर के मद्देनजर दिशानिर्देश जारी शासन ने शीतलहर के मद्देनजर स्कूलों के समय परिवर्तन या बंद करने के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरता है, तो कलेक्टर राज्य शिक्षा केंद्र के परामर्श से प्री-प्राइमरी से पांचवीं तक की कक्षाएं बंद करने का निर्णय ले सकते हैं। समय परिवर्तन के आदेश अधिकारी स्वतः संज्ञान लेकर जारी नहीं करेंगे, बल्कि अभिभावकों से चर्चा और आयुक्त समेत राज्य शिक्षा केंद्र से सहमति के बाद ही ऐसे आदेश जारी किए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी एस.एस. कुमरे ने बताया कि शासन के निर्देशों का पालन करते हुए कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही स्कूलों के समय में परिवर्तन संबंधी कोई आदेश जारी किया जाएगा।


