खिलचीपुर में खाद संकट पर प्रशासन मैदान में उतरा:भीड़ देख टोकन सिस्टम, बेरिकेडिंग  और दो काउंटर से संभली वितरण व्यवस्था

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में रबी सीजन के दौरान खाद की कमी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। शुक्रवार को सहकारी विपणन समिति के बाहर खाद वितरण की अव्यवस्था सामने आने के बाद शनिवार को प्रशासन को सीधे मोर्चा संभालना पड़ा। सुबह होते ही बड़ी संख्या में किसान खाद लेने पहुंचे, लेकिन इस बार हालात काबू में रखने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। सुबह से ही किसानों ने आधार कार्ड और जमीन की पट्टी की फोटो कॉपियां जमीन पर रखकर अपनी बारी तय करनी शुरू कर दी। भीड़ बढ़ने और हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम अंकिता जैन, तहसीलदार विनीत गोयल, टीआई उमाशंकर मुकाती, कृषि विभाग के उपसंचालक सचिन जैन, कृषि विकास अधिकारी के.के. जाटव और पटवारी मौके पर पहुंचे। कागजों की कतार से टोकन सिस्टम तक
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कृषि विभाग की टीम ने तत्काल टोकन सिस्टम लागू किया। जमीन पर रखी फोटो कॉपियों को एक-एक कर उठाया गया, किसानों के नाम पुकारे गए और उन्हें क्रमवार टोकन सौंपे गए। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए बेरिकेडिंग कराई गई। खिड़की के पास पुरुषों की लाइन और चैनल गेट की ओर महिलाओं की अलग लाइन बनाई गई। तहसीलदार विनीत गोयल ने माइक संभालकर नंबरों का ऐलान किया, जबकि एसडीएम अंकिता जैन अंदर रहकर वितरण प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए रहीं। भीड़ को देखते हुए खाद वितरण एक के बजाय दो काउंटरों से शुरू कराया गया, जिससे किसानों को कुछ राहत मिली। सुबह 6 बजे से इंतजार, बच्चों के साथ लाइन में महिलाएं
खाद पाने के लिए कई किसान और महिलाएं सुबह 6 बजे से ही लाइन में खड़ी रहीं। कई महिलाएं छोटे बच्चों को लेकर आई थीं, जो भूख लगने पर बिस्किट खाते नजर आए। बोरदा क्षेत्र के पास रहने वाली नोरंग बाई अपने नाती के साथ खाद लेने पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि वह सुबह से लाइन में बैठी हैं, बच्चे को साथ लाना पड़ा और दोपहर तक खाद नहीं मिल पाया। उनका कहना था कि उम्मीद थी खाद लेकर ही खाना खाएंगे। खबर के बाद प्रशासन सक्रिय
शुक्रवार को डिजिटल दैनिक भास्कर में खाद वितरण की अव्यवस्था और किसानों की परेशानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बाद शनिवार को प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली और मौके पर पहुंचकर व्यवस्था सुधारी गई। हालांकि टोकन सिस्टम और अतिरिक्त काउंटर से हालात कुछ हद तक संभले, लेकिन लगातार उमड़ रही भीड़ यह साफ संकेत दे रही है कि रबी सीजन में खाद की आपूर्ति बढ़ाए बिना स्थायी समाधान संभव नहीं है। देखिए तस्वीरें…

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