सीधी में प्रभारी मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार:आरोप – अफसर नहीं करते पत्रकारों से संवाद, दिलीप जायसवाल बोले- यह गंभीर विषय

सीधी में पत्रकारों ने शनिवार को आयोजित प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार कर दिया। वे यहां सीएम डॉ. मोहन यादव के दो साल पूरे होने पर सरकार की उपलब्धियां बताने आए थे। यहां सिर्फ दो-चार लोग ही पहुंचे। इनमें भी सोशल मीडिया पर एक्टिव लोग चलाने वाले शामिल थे। पत्रकार इस बात से नाराज हैं कि जिले में कलेक्टर-एसपी समेत अन्य अफसर किसी भी मुद्दे पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को जानकारी देना या बात करना जरूरी नहीं समझते। प्रभारी मंत्री बोले- अफसरों से चर्चा कर जांच कराएंगे दोपहर में ठीक समय पर प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल पहुंच गए। इस दौरान उन्हें गिनती के पत्रकार दिखे। उन्होंने कारण पूछा, तो बताया गया कि प्रशासनिक अफसरों के रवैये के विरोध में पत्रकार नहीं आए हैं। अधिकारी संवाद नहीं करते और समस्याओं पर कार्रवाई नहीं करते। ऐसा लंबे समय से किया जा रहा है। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर इसकी जांच कराई जाएगी। पत्रकारों का नहीं किया जा रहा सम्मान मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के संभागीय अध्यक्ष अखिलेश पांडे ने कहा कि जिले में पत्रकारों का न तो सम्मान किया जा रहा है और न ही खबरों को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार ही अनसुने रहेंगे, तो सरकार और जनता की आवाज एक-दूसरे तक कैसे पहुंचेगी। इसी कारण 70 से अधिक पत्रकारों में से अधिकांश ने बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि कलेक्टर स्वरोचिस सोमवंशी, एसपी संतोष कोरी, नपा सीएमओ मिनी अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह समेत पीडब्ल्यूडी और पीएचई जैसे विभागों के वरिष्ठ अधिकारी न तो फोन उठाते हैं और न ही जनहित से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई करते हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *