नीमच सिटी के जूना बाजार में पार्किंग और अवैध कब्जे को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद गहरा गया है। बोहरा समाज द्वारा पहले ज्ञापन सौंपे जाने के बाद, अब क्षत्रिय राठौर तेली समाज ने शनिवार शाम एसपी कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच और अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की। तेली समाज ने अपने लिखित आवेदन में बताया कि बोहरा समाज द्वारा 10 दिसंबर को उनके समाज के व्यक्ति दीपक बारोड के विरुद्ध दिया गया ज्ञापन झूठा है। उनका आरोप है कि इसका उद्देश्य सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना है। समाज के अनुसार, दीपक बारोड की दूध की डेयरी दुकान और बोहरा समाज के कुछ व्यक्तियों का मकान एक ही स्थल पर है। जुझर भाई, जुनैद बोहरा और अरशद बोहरा पर आरोप है कि वे दीपक की दुकान पर आने वाले ग्राहकों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, उनके वाहन जबरदस्ती गिराते हैं और ग्राहकों को परेशान करते हैं। कर्मचारियों के साथ भी अश्लील गाली-गलौज करने का आरोप लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, पास के सार्वजनिक हैंडपंप पर थूकने और कूड़ा-कचरा डालने का आरोप है, जिसका उपयोग रहवासी पीने के पानी के लिए करते हैं। यह भी कहा गया कि उन्होंने हैंडपंप के पास की शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा कर रेलिंग व चद्दर शेड लगा रखा है। आते-जाते समय हैंडपंप पर पीक थूकने और लात-पैर मारने की शिकायत भी की गई है। पास के भेरूजी मंदिर के आसपास गंदगी फैलाकर हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया है। समाज ने दावा किया कि उनके पास 5-6 माह पूर्व हुई मारपीट और गाली-गलौज का वीडियो फुटेज भी है। दुकान संचालक दीपक बारोड के भाई मंगल बारोड ने बताया कि विवाद पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था, जिसके दौरान उनके भाई दीपक के साथ भी मारपीट की गई थी। मंगल बारोड ने यह भी बताया कि बोहरा पक्ष ने अपने ज्ञापन में उनके दूध व्यवसाय को ‘अवैध नशे का कारोबार’ बताया है, जबकि वे वर्षों से दूध का व्यवसाय कर रहे हैं। तेली समाज ने ज्ञापन में अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


