ग्वालियर में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में वर्ष की अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान मध्य प्रदेश विद्युत कंपनी से संबंधित बकाया बिलों और बिजली चोरी के मामलों का निपटारा किया गया, जिससे सैकड़ों उपभोक्ताओं को राहत मिली। विद्युत कंपनी के कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं से बकाया राशि जमा कराकर सालों से लंबित मामलों का समाधान किया। लोक अदालत में पुराने बिलों और बिजली चोरी के आरोपों में फंसे कई लोग शामिल हुए। जहां उनके मामलों का समझौते के माध्यम से निपटारा किया गया। लोक अदालत में ऐसे बिजली उपभोक्ता भी पहुंचे, जिन पर बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर जबरन बिजली चोरी के मामले दर्ज किए गए थे। उपनगर मुरार के ग्राम भेलापुर से आधा दर्जन से अधिक किसान ऐसे ही मामलों में राहत पाने के लिए उपस्थित हुए। कोटेश्वर इंदिरा कॉलोनी की बुजुर्ग मुन्नी बाई का एक ऐसा ही मामला सामने आया। उन पर 18 दिसंबर 2020 को 86,120 रुपए की बिजली चोरी का मामला दर्ज किया गया था। लोक अदालत में समझौते के बाद उन्होंने 26 हजार 230 रुपए जमा करने पर सहमति व्यक्त की। यह राशि उन्हें तीन से चार किस्तों में बिजली विभाग को जमा करनी होगी। मुन्नी बाई ने बताया कि लोक अदालत से उन्हें काफी राहत मिली और उनका मामला भी समाप्त हो गया।


