बालाघाट जिले में बैनगंगा नदी से हो रहे अवैध रेत उत्खनन को रोकने गई प्रशासनिक टीम पर महाराष्ट्र के रेत ठेकेदारों और उनके साथियों ने हमला कर दिया। ठेकेदारों ने नदी में लगभग एक किलोमीटर लंबा अवैध पुल बनाकर मध्य प्रदेश की उच्च गुणवत्ता वाली रेत की चोरी कर रहे थे। जब टीम ने पुल तोड़ने की कार्रवाई शुरू की, तो उपद्रवियों ने पथराव कर बाधा डालने की कोशिश की। यह घटना शनिवार दोपहर सिवनघाट क्षेत्र में हुई, जो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है। महाराष्ट्र के ठेकेदार लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध रूप से उत्खनन कर रहे थे, जिससे नदी को भारी नुकसान हो रहा था। इस अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए तहसीलदार खैरलांजी, नायब तहसीलदार खैरलांजी, माइनिंग अमला और थाना प्रभारी सहित राजस्व, माइनिंग और पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। पथराव कर पुल दोबारा बनाने की कोशिश कार्रवाई के दौरान, टीम ने जेसीबी की मदद से लगभग एक किलोमीटर से अधिक लंबे और 15 से 18 फीट चौड़े अवैध रास्ते को तुड़वाया। इसी बीच, महाराष्ट्र की ओर से रेत ठेकेदारों और उनके साथियों ने टीम पर पथराव करना शुरू कर दिया। उन्होंने दो जेसीबी मशीनें लाकर पुल को दोबारा बनाने का भी प्रयास किया। कलेक्टर की पहल पर महाराष्ट्र प्रशासन का हस्तक्षेप स्थिति बिगड़ने पर, टीम ने तुरंत कलेक्टर मृणाल मीणा को घटना की जानकारी दी। कलेक्टर मीणा ने फौरन गोंदिया प्रशासन से संपर्क किया और चर्चा की। इसके बाद, महाराष्ट्र प्रशासन ने हस्तक्षेप किया, जिसके चलते उपद्रवी ठेकेदारों को खदेड़ दिया गया और कार्रवाई बिना किसी बड़े टकराव के पूरी हुई। अब गोंदिया जिले के ग्राम किन्हीं की ओर से हो रहे अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए आवागमन को सख्ती से बाधित कर दिया गया है। अन्य जगहों पर भी निगरानी सख्त इसके अलावा, लालबर्रा तहसील के ग्राम धपेरा में भी वैनगंगा नदी से रेत के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। वहां पर अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए होमगार्ड और सिक्योरिटी गार्ड को तैनात किया गया है।


