भोपाल सेंट्रल जेल में बुधवार दोपहर एक ड्रोन मिला है। ये चाइना मेड ड्रोन है। जेल में गश्त कर रहे प्रहरी ने ड्रोन देखा और वरिष्ठ अधिकारियों के सुपुर्द किया। जेल प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी स्थानीय थाना गांधी नगर में दी गई है। जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि बुधवार दोपहर को 3:45 बजे प्रहरी सोनवार चौरसिया गश्त कर रहा था। तभी उसे नवीन ब खंड के निर्माणाधीन हिस्से में हनुमान मंदिर के पीछे की तरफ एक ड्रोन पड़ा दिखा। प्रहरी ने ड्रोन को उठाकर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों के सुपुर्द किया। इसकी तकनीकी स्टाफ से जांच कराई जा रही है। फिलहाल ड्रोन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। इसकी जानकारी डीजी जेल, डीजीपी सहित कंट्रोल रूम और स्थानीय पुलिस को दी है। जल्द ड्रोन पुलिस के सुपुर्द कर दिया जाएगा। भोपाल जेल में बंद हैं 69 आतंकी
भोपाल सेंट्रल जेल में फिलहाल 69 आतंकी बंद हैं। जो अलग-अलग संगठनों से ताल्लुक रखते हैं। इसमें स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के 23, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 21, हिज्ब उत तहरीर (HUT) के 17, JMB के 4 और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के 4 आतंकी बंद हैं। इस जेल में हाई सिक्योरिटी सेल की क्षमता 58 है। वर्तमान में 69 आतंकियों को रखा है। हर रोज साढ़े तीन घंटे निकालते हैं बाहर
आतंकियों को हर रोज साढ़े तीन घंटे के लिए हाई सिक्योरिटी सेल से बाहर निकाला जाता है। जिससे वह अपने पर्सनल काम जैसे कपड़े सुखाना, धूप लेना, टहलना आदि कर सकें। इन आतंकियों की बाहर निकालने के बाद भी कड़ी निगरानी की जाती है। हर आतंकी पर नजर रखने की जिम्मेदारी 2 प्रहरियों की होती है। आतंकियों को सुबह ढाई घंटा, जबकि शाम में एक घंटा बाहर निकाला जाता है। उन्हें किसी से बातचीत की इजाजत नहीं होती। सभी आतंकियों को बाहर निकालने पर भी अलग-अलग रखा जाता है। जेल मैन्युअल के हिसाब से मुलाकात की इजाजत
आतंकी कामरान, अबू फैजल, शिबली और कमरुद्दीन को छोड़कर सभी 65 आतंकियों को जेल मैन्युअल के हिसाब से परिजनों से मिलने की और कैंटीन की सुविधा मिलती है। इनमें शामिल सजायाफ्ता आतंकी जेल ड्रेस में रहते हैं और जेल की टोपी लगाते हुए जेल नियमों का पालन करते हैं।


