रतलाम में चार्जिंग के दौरान ई-बाइक में ब्लास्ट से 11 साल की बच्ची को खोने वाला परिवार टेंट में रह रहा है। इस हादसे में घर का सामान जलकर खाक हो गया। घर में जहां ब्लास्ट हुआ वहां का फर्श उखड़ चुका है। परिवार के लोगों की खाने-पीने से लेकर कपड़े और आर्थिक मदद पड़ोसी कर रहे हैं। वही घर की मरम्मत, साफ-सफाई व रंगाई-पुताई भी करा रहे हैं। पीड़ित परिवार को इस बात का मलाल है कि जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन ने उनका हाल-चाल जानने तक की जरूरत नहीं समझी। हादसे के बाद दैनिक भास्कर पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। शनिवार (4 जनवरी) रात हुई घटना को परिवार के लोग भूल नहीं पा रहे। उन्हें घर आकर रहने में करीब एक हफ्ता और लग सकता है। तब तक के लिए रात को पुरुष टेंट में और महिलाएं पड़ोसियों के घर में सो रही हैं। दिन के समय वह भी टेंट में ही आ जाती हैं। इस मामले में पुलिस ई-बाइक शोरूम के संचालक को नोटिस देकर पूछताछ करेगी। देखिए 3 तस्वीरें- बेटी बोली- रात में ही चार्जिंग बंद करते थे
उस रात के हादसे के बारे में बताते हुए घर के मुखिया भागवत मोरे की बेटी वैशाली चौधरी की आंखें भर आती हैं। उन्होंने बताया कि उस रात घर में सब सो रहे थे। पापा ई-बाइक को डेली रात 11 बजे चार्जिंग पर लगाते थे। रात 1 या डेढ़ बजे उठते थे और बटन बंद कर देते थे। अलार्म भी सेट करके रखते थे। उस दिन भी यहीं हुआ। वह वॉशरूम गए। रात में चार्जिंग का बटन बंद कर प्लग निकालकर लेट गए। उन्हें लेटे 5 मिनट ही हुए थे कि फर्श में से कड़कड़ाहट की आवाज आई। उन्हें कुछ अंदेशा हुआ। वह देखने उठते, उससे पहले बैटरी में धमाका हो गया। बैटरी फूटी। केमिकल पापा के फेस पर आ गया। इतने में आग लग गई। आग ने विकराल रूप दिखाया तो संभलने का टाइम नहीं मिला। मुझे आवाज दी- छोटी-छोटी…दौड़ों, भागो। मैं पास के कमरे में सो रही थी। पापा को कहा कि आप दरवाजा खोलो और जैसे-तैसे बाहर जाओ। हम लोग छत की तरफ भागे। परिवार टेंट में, पड़ोसी खाना-पीना दे रहे
वैशाली ने कहा कि हादसे के चार दिन हो गए। पूरा परिवार टेंट में रह रहा है। पड़ोसी खाना-पीना दे रहे हैं। हमारे सारे कपड़े जल गए। कोई जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन का कोई अधिकारी हमें पूछने नहीं आया और न ही कोई मदद मिली। हमारे भाई नहीं हैं। हम पांच बहने हैं। पिताजी इंदौर में एडमिट हैं। मोहल्ले वाले सपोर्ट कर रहे हैं। ई-बाइक शोरुम संचालक पर कार्रवाई की मांग
मृतका बच्ची की नानी कलावती मोरे का कहना था कि इतना बड़ा हादसा हुआ कि हमें अब तक सुध-बुध नहीं है। कंपनी वाले दो दिन पहले बैटरी रिपेयरिंग करके गाड़ी देकर गए। चार्ज होने के बाद बंद की। उसके बाद बैटरी फटी। उन्होंने इसमें सुधार क्या किया, हमें शोरूम वाले से जानना है। हम कार्रवाई की मांग करते हैं। बैटरी के कारण ही हमारे यहां हादसा हुआ है। एक साल से गाड़ी यूज कर रहे थे। इधर, भागवत मोरे की बेटी रुपाली चौधरी ने शोरुम संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा- हादसे का सबसे बड़ा कारण बैटरी ही है। हमारी एक बच्ची चली गई। उसकी भरपाई नहीं कर सकते। दोबारा किसी और के घर ऐसा हादसा न हो, इसलिए शोरूम संचालक के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। शोरूम बंद, लिखा-कठिन समय में हम शोकमग्न हैं
ई-बाइक शोरूम संचालक को रतलाम पुलिस नोटिस देगी। हादसे के बाद से शोरूम बंद है। पुलिस ने शोरूम संचालक से भी संपर्क किया, लेकिन नहीं हो पाया। हादसे के बाद से शोरूम संचालक ने शोरूम बंद कर बाहर सूचना चस्पा कर रखी है। इसमें लिखा है- एक दु:खद और अप्रत्याशित घटना के कारण हम अपनी व्यवसायिक गतिविधियां अस्थायी रूप से बंद कर रहे हैं। इस कठिन समय में हम शोकमग्न हैं और आपकी समझ और सहानुभूति की आवश्यकता है। हम शीघ्र ही फिर आपकी सेवा में उपलब्ध होंगे। शोरूम संचालक को नोटिस देकर पूछताछ होगी
सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया जिस ई-बाइक में ब्लास्ट हुआ है, उसके शो रूम संचालक को नोटिस दिया जाएगा। बैटरी से जुड़ी सारी पूछताछ की जाएगी। कब ई-बाइक खरीदी। बैटरी बदली या नहीं। जब बैटरी लगाकर दी तो क्या स्थिति थी। सारी टेक्निकल पॉइंट की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 4 जनवरी की देर रात हादसा, बच्ची की मौत हुई
रिटायर्ड रेलकर्मी भागवत मोरे पीएंडटी कॉलोनी में रहते हैं। शनिवार रात 2 बजे उनके ही घर में चार्जिंग के दौरान ई-बाइक में ब्लास्ट हुआ। इससे पास में ही खड़ी पेट्रोल मोपेड पर आग लग गई। घर के दो कमरे आग की चपेट में आ गए थे। जिस कमरे में ब्लास्ट हुआ उस कमरे में सो रहे भागवत मोरे 15 से 20 प्रतिशत झुलस गए। हादसे में पास के कमरे में सो रही उनकी 11 साल की नातिन अंतरा पिता दीपक चौधरी निवासी वड़ोदरा (गुजरात) की मौत हो गई थी। वह मां के साथ नए साल की छुटि्टयां मनाने नाना के घर आई थी। इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… रतलाम में ई-बाइक चार्जिंग के दौरान ब्लास्ट, बच्ची की मौत बहन की बर्थडे पार्टी में खूब नाची थी अंतरा:रतलाम में थोड़ी देर बाद आग से झुलसने पर मौत


