छिंदवाड़ा में 4 डिग्री पहुंचा न्यूनतम पारा:कड़ाके की ठंड से खेत में जमीं बर्फ, फसलों को पाले से बचने की सलाह

छिंदवाड़ा में पिछले दो दिनों से सर्दी का सितम जारी है। दो दिनों से शाम 6 बजे के बाद तापमान में गिरावट की वजह से कंपकपी वाली ठंड पड़ रही है। आज गुरुवार की सुबह ठंड की वजह से सड़कों में लोगों की आवाजाही कम दिखाई दीं। वैज्ञानिक संत कुमार शर्मा ने बताया कि उत्तरी सर्द हवाओं की वजह से पिछले दो दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिला है। गुरुवार सुबह ग्रामीणों क्षेत्र में 4 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। बुधवार के मुकाबले आज न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वहीं शहरी क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा 1 से 2 डिग्री तापमान में ज्यादा रहता है। आज छिंदवाड़ा में हल्का कोहरा छाया रहा। पिछले दो दिनों से खेत में जमी ओस बर्फ की परत बन रही है। जिससे पाला पड़ने की आशंका है। फसलों को पाले से बचाने की सलाह वर्तमान समय के तापमान एवं आगामी दिनों के मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए लगातार तापमान में गिरावट के कारण रबी की फसलों में पाला पड़ने की संभावना दिखाई दे रही है। फसलों जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, आलू, मटर, चना, सरसों, अलसी, आदि फसलों में पाले से लगभग 80-90% तक नुकसान हो सकता हैं। आंचलिक कृषि अनुसंधान केंद्र चन्दनगांव में ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना के तकनीकी अधिकारी डॉ संत कुमार शर्मा ने बताया कि सर्दी के मौसम में जब तापमान चार से शून्य डिग्री सेल्सियस या इससे कम हो जाता है तब हवा में उपस्थित नमी व ओस की बूंदें बर्फ के छोटे-छोटे कण में बदल जाती है। इसके परिणाम स्वरूप कोशिका भित्ती फट जाती है, पत्तियां झुलस जाती हैं और प्रकाश संश्लेषण की क्रिया प्रभावित प्रभावित होती है। जिसे पाले के नाम से जाना जाता है। ऐसे सुरक्षित रखे फसल

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