मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आम लोगों से अपील की कि दिखावे वाले शादी-ब्याह और मृत्यु भोज पर कर्ज लेकर खर्च न करें, बल्कि पैसा बच्चों की शिक्षा पर लगाएं। उन्होंने कहा कि अमीरों की देखा-देखी में गरीब लोग भी जरूरत से ज्यादा खर्च कर कर्ज में डूब जाते हैं। शनिवार को राजधानी के फंदा गांव में विक्रमादित्य स्वागत द्वार के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोग शादी और मृत्यु भोज के लिए जमीन तक बेच देते हैं, जबकि जमीन पूर्वजों का आशीर्वाद होती है और उसे कभी नहीं बेचना चाहिए। सीएम ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों का विवाह भी सामूहिक विवाह में कराया। श्रीकृष्ण से जोड़ने के लिए फंदा का नाम हरिहर नगर
मुख्यमंत्री ने फंदा गांव का नाम बदलकर ‘हरिहर नगर’ करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह नाम भगवान राम, श्रीकृष्ण और महाकाल से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। विधायक रामेश्वर शर्मा ने गांव का नाम बदलने की मांग उठाई थी। जल गंगा संवर्धन के तहत बड़े तालाब का गहरीकरण किया जाएगा।


