बेड़ो थाना में 3 सितंबर को दर्ज कराया गया गैंगरेप का मामला पूरी तरह फर्जी निकला। पुलिस जांच में साजिश का खुलासा होने के बाद चान्हो पुलिस ने शनिवार को मास्टरमाइंड भू-माफिया साबिर खान, शिकायतकर्ता नसीहा खातून, नसीम अहमद, विक्की खान और इम्तेयाज आलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला जमीन विवाद में बदला लेने के लिए रचा गया था। जेल जाने से पहले पुलिस पूछताछ में नसीहा खातून ने बताया कि बेड़ो के बालसोकड़ा गांव निवासी भू-माफिया साबिर खान के इशारे पर उसके रिश्ते में जीजा लगने वाले नसीम अहमद ने फर्जी गैंगरेप केस दर्ज कराने को कहा था। इसके बदले उसे 50 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे, जबकि शेष रकम बाद में देने का वादा किया गया था। नसीहा ने बेड़ो थाना में तत्कालीन थानेदार देव प्रताप प्रधान के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। थानेदार ने एक आरोपी सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। 4 युवकों की तलाश की जाने लगी। बाद में जांच में स्पष्ट हुआ कि सभी निर्दोष थे। सद्दाम करीब दो महीने से जेल में बंद है। -शेष पेज 11 पर फर्जी एफआईआर में लगाए थे गंभीर आरोप नसीहा खातून ने अपनी शिकायत में 2 सितंबर की शाम अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म, हथियार दिखाकर धमकी देने और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। जांच में यह पूरा घटनाक्रम झूठा और साजिश का हिस्सा पाया गया। पुलिस अब फर्जी केस में निर्दोष युवक को जेल भेजे जाने और तत्कालीन थानेदार की भूमिका की विस्तृत जांच की तैयारी कर रही है। साथ ही, झूठा मामला दर्ज कराने और साक्ष्य गढ़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।


