उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से जुड़े चंदिया वन परिक्षेत्र के जंगल में बाघ टी-185 की करंट लगने से मौत हो गई है। शनिवार को मिले बाघ के शव का रविवार को डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया। वन विभाग शिकारियों की तलाश में जुट गया है। डॉग स्क्वॉड की टीम भी सर्चिंग कर रही है। आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। अधिकारियों की निगरानी में मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम की चंदिया रोपणी में सुरक्षित स्थान पर बाघ का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वन संरक्षक ने बताया करंट लगने से हुई मौत यह नर बाघ लगभग 8 साल का था। इसका शव शनिवार को चंदिया वन परिक्षेत्र के आरएफ 10 में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। बाघ की पहचान टी-185 के रूप में हुई है, जो बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली और चंदिया वन परिक्षेत्र में रहता था। शहडोल के प्रभारी मुख्य वन संरक्षक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ की मौत करंट लगने से हुई है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। ये खबर भी पढ़े… जंगल में मिला बाघ का शव,गणना के दौरान कथली नदी किनारे मृत मिला; जांच के लिए सील किया परिक्षेत्र उमरिया जिले के सामान्य वन मंडल के चंदिया वन परिक्षेत्र में शनिवार को एक बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी है। बाघ का शव चंदिया वन परिक्षेत्र के आरएफ 10 में कथली नदी के किनारे देखा गया। वन परिक्षेत्र की टीम इस मामले की जांच में जुटी हुई है। पढ़े पूरी खबर…


