लोकमाता अहिल्यादेवी होलकर के त्रिजन्मशताब्दी वर्ष पर प्रतापगढ़ में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महिला समन्वय विभाग की ओर से विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित इस विचार गोष्ठी में अहिल्याबाई होल्कर द्वारा सनातन धर्म और देश हित में किए गए उनके कार्यों पर विचार व्यक्त किए ,इस दौरान कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण सहित विभिन्न विषयों पर प्रदर्शनी भी लगाई गई आज हमने अपने आदर्श बॉलीवुड फिल्मों और टीवी सीरियल में अदाकारी करने वाली हीरोइन को मान लिया है,हम हमारे इतिहास और संस्कृति को भूल रहे हैं, हमारे आदर्श तो वह वीरांगनाएं है जिन्होंने देश,धर्म और समाज के लिए अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया, यह बातें गोष्ठी को संबोधित करते हुए अधिवक्ता परिषद की प्रांतीय सदस्य सुलक्षणा सांचौरा ने व्यक्त किये, सांचौरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई ने समाज में फैली कई कुरीतियों को दूर किया,जाति पाति के भेदभाव को समाप्त किया, सती प्रथा का विरोध किया,150 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया,आज उनके जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है ,उन्होंने कहा वैसे तो महिलाएं हर क्षेत्र में समाज को अपना नेतृत्व प्रदान कर रही है लेकिन धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए भी महिलाओं को आगे आना होगा,विचार गोष्ठी में बोलते हुए महिला समन्वय विभाग संयोजिका प्रियंका जैन ने कहा कि नारी अब अबला नहीं है लेकिन आने वाले समय में चुनौतियां और भी बढ़ने वाली है, इसके लिए उन्हें महिषासुर मर्दिनी भी बनना होगा, अहिल्याबाई होल्कर के नाम के आगे पुण्यश्लोक लगा है जिसका कारण है उन्होंने पूरे जीवन सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाया,इसके पहले विचार गोष्ठी का भारत माता और अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया,कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली छात्राएं,महिलाएं और समाज सेवी उपस्थित रहे


