मानव और वन्य प्राणियों के बीच बढ़ते द्वंद्व को कम करने तथा नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। पनपथा बफर परिक्षेत्र के पथरहटा सर्किल स्थित ग्राम छतवा में ‘प्रकृति की पाठशाला’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शासकीय माध्यमिक शाला छतवा के 20, शासकीय हाई स्कूल महादेवा के 30 और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताला के 25 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन विद्यार्थियों को वन, वन्य प्राणी संरक्षण और मानव-वन्य प्राणी सह-अस्तित्व के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए कई रोचक गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें चित्रकला प्रतियोगिता, मेंढक दौड़, बोरा दौड़ और सांप-सीढ़ी जैसे खेल शामिल थे, जिनका उद्देश्य बच्चों को मनोरंजक तरीके से पर्यावरण से जोड़ना था। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताला के विद्यार्थियों ने “मैं भी बाघ” गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर बाघ संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। सभी प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक पनपथा द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण के बाद, विद्यार्थियों को बीट बराघाटी के वन क्षेत्र में पाए जाने वाले लकड़ी के जीवाश्म का भ्रमण कराया गया। उन्हें इन जीवाश्मों के बारे में जानकारी दी गई और जंगल में उनकी उपयोगिता समझाई गई। सहायक संचालक भूरा गायकवाड़ ने बताया कि बच्चों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वे अपने परिवारजनों को भी जंगल और वन्य प्राणियों के बारे में बता सकें। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को वन्य प्राणियों की सुरक्षा और उनसे अपनी सुरक्षा की जानकारी दी जाती है।


