अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने रविवार को मां शिप्रा का वैदिक मंत्रोच्चार से पूजन किया। इस दौरान महासंघ के सदस्यों ने शिप्रा नदी के जल का आचमन कर उसकी पवित्रता का संदेश दिया। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पुजारी ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति में देश के सभी तीर्थ स्थलों और नदियों को पवित्र माना गया है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग तीर्थ स्थलों की नदियों के जल को अपवित्र, दूषित और आचमन योग्य नहीं बता रहे हैं। इसी धारणा को खंडित करने के लिए यह पूजन और आचमन किया गया। मुख्यमंत्री को भी सौंपेंगे मांग पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पुजारी महासंघ एक मांग पत्र भी सौंपेगा। इस पत्र में तीर्थ समस्याओं के निराकरण, आम श्रद्धालुओं के हित में कार्ययोजना बनाने, सिंहस्थ में पुरोहितों और ब्राह्मणों को घाटों व मंदिरों पर आने-जाने की सुविधा देने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, 29 किलोमीटर निर्माणाधीन घाटों पर 13 अखाड़ों के स्नान के लिए 13 अलग-अलग स्थानों की व्यवस्था करने और रामघाट पर शंकराचार्य के स्नान की व्यवस्था करने की भी मांग की जाएगी। ये रहे मौजूद
इस अवसर पर पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय सचिव रुपेश मेहता, नगर अध्यक्ष मंगल पुजारी, उपाध्यक्ष राकेश जोशी, तीर्थ पुरोहित, भागवताचार्य आशीष अग्निहोत्री, धनेश्वर धाम प्रमुख धनीराम तिवारी, राजू बैरागी, महेंद्र सिंह बैस, मोहित तिवारी, किशन पांडे, आशीष अग्निहोत्री, आशीष ठक्कर और राम शर्मा सहित कई सदस्य मौजूद थे।


