पेटलावद में मनाया पार्श्वनाथ भगवान का जन्म कल्याणक पर्व:21 बग्घियाें के वरघोड़े में भक्तों ने किया नृत्य; बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा

झाबुआ जिले के पेटलावद में पौष दशमी के अवसर पर जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर, प्रभु पार्श्वनाथ भगवान का जन्म कल्याणक मनाया गया। इस मौके पर मेवानगर स्थित दामोदर कॉलोनी से एक भव्य वरघोड़ा निकाला गया। इसमें लगभग 21 बग्घियां शामिल थीं, जिनमें महिलाएं और पुरुष नृत्य करते हुए चल रहे थे। बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा वरघोड़ा बैंड-बाजे और ढोल-ढमाके के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। शोभायात्रा की पहली पंक्ति में पांच घोड़ों पर सवार लाभार्थी जैन ध्वज लहराते हुए चल रहे थे। दूसरी बग्गी में श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान और तीसरी बग्गी में श्री नाकोड़ा भैरव देव विराजमान थे। गादीपति श्री सुमित पीपाड़ा भी भक्तों के साथ पैदल चलकर आस्था व्यक्त कर रहे थे। नगरवासियों ने जताई श्रद्धा वरघोड़ा बामनिया रोड से शुरू होकर सीरवी मोहल्ला, गणपति चौक, झंडा बाजार, गांधी चौक, मेन रोड और पुराना बस स्टैंड होते हुए वापस दामोदर कॉलोनी में संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में लोग जगह-जगह भगवान की झांकियां देखकर श्रद्धा प्रकट कर रहे थे। गादीपति श्री सुमित पीपाड़ा का भी समाजजनों और नगरवासियों ने माला पहनाकर और शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। महाआरती और प्रसादी का वितरण वरघोड़ा समाप्त होने के बाद, लाभार्थी परिवारों ने श्री पार्श्वनाथ भगवान, श्री नाकोड़ा भैरव देव, श्री अछुपता माताजी और श्री नाकोड़ा काला भैरव देव की महाआरती की। इसके बाद प्रसादी का आयोजन भी किया गया। बड़ी संख्या में भक्त रहे उपस्थित इस धार्मिक आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात, धार, झाबुआ और रतलाम सहित कई अन्य स्थानों से भी भक्त पेटलावद पहुंचे। अंत में, श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव ट्रस्ट मंडल ने लाभार्थी परिवारों और नगर के पत्रकारों का पगड़ी और दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया।

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