बालाघाट में बेदखली नोटिस से 80 परिवार चिंतित:विधायक से की मुलाकात; बोलीं- वैकल्पिक व्यवस्था होने तक वहीं रहने दें

बालाघाट में राजस्व विभाग द्वारा बेदखली नोटिस जारी किए जाने के बाद लगभग 70 से 80 परिवारों में हड़कंप मच गया है। इन परिवारों के आवासों को प्रशासन ने अतिक्रमण बताकर तोड़ने का नोटिस दिया है। रविवार को इन चिंतित परिवारों ने स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। ये परिवार नगर के आकाशवाणी के पास दूध डेयरी और पॉवर हाउस के सामने शासकीय जमीन पर निवास कर रहे हैं। परिवारों का कहना है कि वे पिछले 35 से 40 वर्षों से यहां रह रहे हैं। उनका सवाल है कि यदि यह जमीन अतिक्रमण की श्रेणी में आती है, तो उन्हें बिजली और पानी के कनेक्शन कैसे दिए गए। निवासी बताते हैं कि छोटे बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में वे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें, अपना काम करें या फिर मकान का इंतजाम करें। महिला चित्रलेखा शेन्द्रे ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद से परिवारों में डर और चिंता का माहौल है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के नोटिस के कारण एक दुकानदार रेखलाल बोरकर को दिल का दौरा पड़ा है, जिनका इलाज नागपुर में चल रहा है। इसी वजह से एक अन्य व्यक्ति अरविंद सिंह गांधी की मौत भी हो गई। परिवारों की मांग है कि प्रशासन बिजली और पानी के साथ-साथ उनके लिए अन्यत्र व्यवस्था करे, तभी वे यहां से विस्थापित होंगे। वैकल्पिक व्यवस्था होने तक रहने दें विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी नहीं थी। उन्होंने प्रशासन से मानवीय संवेदना के साथ कार्य करने की अपील की। यदि तत्काल जगह की आवश्यकता नहीं है, तो परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था होने तक वहीं रहने दिया जाए।

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