सफला एकादशी आज : व्रत-पूजा से रुके काम होंगे पूरे, विष्णु उपासना से मिलेगा मोक्ष

भास्कर संवाददाता| पाली पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी मनाई जाएगी। ज्योतिर्विद. पं. महेश श्रीमाली ने बताया कि यह एकादशी व्रत-उपवास करने वाले को सभी कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला माना गया है। सफला एकादशी का व्रत उदया तिथि के अनुसार सोमवार से रखा जाएगा। माना जाता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत रखने से मनुष्य के सभी कठिन और रुके हुए कार्य सफल हो जाते हैं। पद्मपुराण के अनुसार, यह व्रत मनुष्य के समस्त पापों को नष्ट करता है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति कराता है। भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा था कि बड़े-बड़े यज्ञों से भी मुझे उतना संतोष नहीं होता, जितना एकादशी व्रत के अनुष्ठान से होता है। इस व्रत का पुण्यफल यज्ञ और दान से अर्जित किए जाने वाले पुण्यफल के समान है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना करने से सुख-समृद्धि, लंबी आयु और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। आज होगा शुक्र तारा अस्त: सोमवार को शुक्र अस्त के साथ ही मंगलवार 16 दिसंबर को खरमास ( मलमास ) प्रारम्भ होगा। ज्योतिर्विद. पं. महेश श्रीमाली ने बताया कि खरमास के महीने को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस काल को खरमास या मलमास कहा जाता है। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। जिससे शादी-विवाह, गृह और मुंडन जैसे सभी शुभ कार्यों पर एक महीने के लिए रोक लग जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लगभग एक माह तक चलने वाला यह खरमास का विशेष समय धार्मिक मान्यताओं में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. जिसके कारण शुभ कार्यों पर विराम लग जाता है। { धार्मिक साधना : जप, तप, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठान करें। { दान-पुण्य : गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करें, गायों को चारा खिलाएं। { पवित्र स्नान : गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। { सूर्य को अर्घ्य : हर दिन सूर्य देव को जल, सिंदूर और फूल मिलाकर अर्घ्य दें।

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