श्रम विभाग दुकान एवं स्थापना अधिनियम 2017 में कई संशोधन करने जा रहा है। संशोधन विधेयक इसी शीतसत्र में विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक संशोधन लागू होते ही महिला कर्मी से सहमति लेकर दुकान मालिक नाइट ड्यूटी पर भी लगा सकेंगे। अभी तक महिलाओं को रात 10 बजे के बाद ड्यूटी पर लगाना श्रम कानून का उल्लंघन था। इससे बड़े मेडिकल स्टोर, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा अभी तक 10 कर्मचारी से अधिक दुकान वालों को ही गुमास्ता लेना अनिवार्य था। अब इसकी संख्या बढ़ाकर 20 की जा रही है। अभी प्रदेश में करीब 7 हजार दुकानें ऐसी हैं, जहां 10 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। संशोधन के बाद यह संख्या आधी हो जाएगी। ओवरटाइम भी बढ़ेगा अभी एक दुकान मालिक तीन महीने में एक कर्मचारी को 125 घंटे ही ओवर टाइम करा सकता है। इससे अधिक रखना श्रम कानून का उल्लंघन माना जाता है। संशोधन होने के बाद तिमाही 144 घंटे का ओवर टाइम कर्मियों को मिल सकेगा। अब आगे क्या
विधेयक पास होने के बाद विभाग एक-एक बिंदु पर नियम बनाएगा। जैसे महिलाओं को रात में ड्यूटी लगाने के लिए उनके आने-जाने की व्यवस्था दुकान मालिक को ही करनी होगी। पॉश एक्ट का पालन करते हुए महिलाओं की एक कमेटी भी बनानी होगी। ओवरटाइम के लिए क्या नियम होंगे। कितने दिन में कर्मचारियों को ओवरटाइम देना होगा। गुमास्ता नहीं लेने वालों पर क्या कार्रवाई होगी। ये भी तय होगा कि गुमास्ता की फीस क्या होगी। गुमास्ता जारी करने का काम श्रम विभाग के पास
श्रम विभाग ही गुमास्ता जारी करता था, लेकिन पिछले 20 सालों से यह काम नगरीय निकायों के माध्यम से किया जा रहा था। अब इसमें भी बदलाव हो रहा है। जिला श्रम कार्यालय ही गुमास्ता जारी करेगा। इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। नगरीय निकाय अब ट्रेड लाइसेंस जारी किया करेंगे, जिसमें गुमटी से लेकर बड़ी दुकान तक को वे लाइसेंस देंगे। गुमाश्ता कर्मचारियों पर आधारित होगा और ट्रेड लाइसेंस हर दुकान को लेना होगा। गुमास्ता इन कामों के लिए अनिवार्य: दुकान संचालक को व्यावसायिक लोन, सरकारी योजनाओं का लाभ तभी मिलता है जब उसके पास गुमाश्ता हो। करंट अकाउंट खोलने में भी गुमास्ता एक अनिवार्य दस्तावेज है। यही नहीं शासकीय टेंडर प्रक्रिया में भी शामिल होने के लिए गुमास्ता होना अनिवार्य होता है। संशोधन के बाद सिक्योरिटी कंपनी से लेकर होटल संचालकों को बहुत लाभ मिलेगा।


