अलवर ACB ने RAA (राजस्व अपील अधिकारी कोर्ट ) के बाबू जितेंद्र मीणा को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। जिसने जमीन का डिसीजन पक्ष में कराने के एवज में रिश्वत ली थी। एसीबी ने कलेक्ट्रेट परिसर में बाबू को अरेस्ट कर लिया है। आरएए के पद पर सीनियर RAS अधिकारी संजू शर्मा है। जो अलवर में कई सालों से अलग-अलग पदों पर रही हैं। सीधे तौर पर उन पर कोई आरोप नहीं है। परिवादी रामलाल सैनी का नारायणपुर का निजी स्कूल है। जिसने स्कूल के लिए नारायणपुर में जमीन ली थी। जिसकी रजिस्ट्री कराने के बाद अलग से खाता खुलवाया था। उस पर आरएए से स्टे चल रहा था। रामलाल सैनी ने बताया कि उसने जमीन खरीदी ली और अलग से जमीन का खाता खुलवाया था। जिस पर आरएए कोर्ट के बाबू ने विपक्षी पार्टी से रिश्वत लेकर स्टे दे दिया था। उसके बाद इस बाबू ने मुझसे संपर्क किया। यह बाबू स्टे लगवाता है और स्टे हटवाता भी है। इसके लिए रिश्वत की मांग करता है। जबकि एसडीएम कोर्ट से हमारे पक्ष में निर्णय हो गया। उसके बाद अलग से खाता खुल गया। मार्च में डिसीजन हो चुका है। उसके बाद अब 27 नवंबर को आरएए से स्टे करा दिया। पहले मैंने आरएए में केवीएट लगा रखी थी। मतलब यह आरोपी बाबू दोनों पक्षों से मिलता है। ये खुला कहता था कि आरएए व रीडर को पैसे दूंगा। इसने स्टे हटवाने के लिए डेढ़ लाख रुपए की मांग की। इसके बाद मैंने कहा कि व्यवस्था करता हूं। इसी बीच मैं एसीबी से मिला। गुरुवार दोपहर को डेढ़ लाख रुपए कार्यालय में ही लिए। रकम लेकर अंदर चला गया। यहीं से एसीबी ने आरोपी को अरेस्ट कर लिया। आरएए संजू शर्मा दफ्तर में नहीं आरएए संजू शर्मा कार्यालय में नहीं है। इस कारण उन पर शक नहीं है। हालांकि एसीबी के अधिकारी पूरी जांच पड़ताल करने में लगे हुए हैं। असल में आरोपी बाबू ने इतना कहा कि रिश्वत की राशि रीडर व अधिकारी को दी जाएगी। एसीबी की यह कार्यवाही डीएसपी महेंद्र मीणा के नेतृतव में जारी है।


