सीएम डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में रविवार को बैठक में इंदौर का नया दौर और फ्यूचर रेड इंदौर बनाने के लिए कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। तय हुआ कि इंदौर की ग्रीनरी बढ़ाने के लिए तीन स्तर पर काम होगा। इसके लिए शहर का 3 डी ग्रीन मॉडल बनेगा। हुकमचंद मिल के प्रोजेक्ट में तय हुआ कि तीन महीने में टेंडर किए जाएंगे। इसके लिए देश के बड़े डेवलपर को बुलाया जाएगा। पलासिया में खाली 34 हजार 236 वर्ग मीटर जमीन का रीडेंसीफिकेशन होगा। इसमें भी ग्रीनरी सहित अन्य बिंदुओं का ध्यान रखा जाएगा। सुपर कॉरिडोर पर स्टार्टअप पार्क के लिए तीन महीने में टेंडर होंगे और तीन साल में बनेगा। स्कीम 172 में कन्वेंशन सेंटर पीपीपी मोड पर बनेगा। तीन साल की सीमा तय। इसमें 5 हजार लोग अंदर और 10 हजार की क्षमता बाहर की होगी। शहर को सीसीटीवी प्रोजेक्ट से जोड़ने के लिए कम्युनिटी कैमरा पॉलिसी लागू होगी। इसमें 13 हजार 690 स्थानों को 60 हजार कैमरों से निगरानी के लिए आपस में लिंक किया जाएगा। स्लम फ्री इंदौर के लिए 5 साल का लक्ष्य तय हुआ। यह प्रयास किए जाएंगे कुल शहरी क्षेत्रफल के 30 फीसदी में हरियाली जरूरी विस्थापन में लोगों का ध्यान रखें, टीडीआर-एफएआर का फायदा दें बैठक में ये भी मौजूद रहे
विधायक मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना मालवीय, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, एसीएस संजय दुबे, प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कमिश्नर नगरीय प्रशासन संकेत भोंडवे, सचिव गृह अभिषेक सिंह, एमडी मेट्रो एस. कृष्ण चैतन्य, एमडी एमपीआईडीसी चंद्रमौलि शुक्ला, आयुक्त सह संचालक श्रीकांत बनोठ, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, गौरव रणदिवे, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, सावन सोनकर, प्रताप करोसिया आदि।


