चंबल नदी के पिनाहट घाट पर रविवार दोपहर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यात्रियों से भरी स्टीमर को स्टार्ट करते समय उसकी बैटरी जोरदार धमाके के साथ फट गई। धमाका इतना तेज था कि घाट पर खड़े यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि धमाका उस वक्त हुआ जब स्टीमर अभी घाट से निकली ही थी। अगर यही विस्फोट नदी के बीच होता, तो दर्जनों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। तस्वीरें धमाके के बाद की हैं, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके के समय भी स्टीमर और घाट पर लगभग उतनी ही भीड़ मौजूद थी। कई यात्री बोट पर सवार हो चुके थे और बाकी चढ़ने की तैयारी में थे। धमाके के बाद स्टीमर पूरी तरह बंद हो गई। नई बैटरी देर से मिलने के कारण उत्तर प्रदेश–मध्य प्रदेश सीमा पर चंबल नदी का आवागमन करीब दो घंटे तक ठप रहा। यात्रियों को दोनों ओर घंटों इंतजार करना पड़ा। यात्रियों ने स्टीमर संचालन में लापरवाही के आरोप लगाए और कहा कि बिना तकनीकी जांच के जर्जर सिस्टम के भरोसे रोजाना सैकड़ों लोगों की जान खतरे में डाली जा रही है। एक हफ्ते में तीसरी चेतावनी, फिर भी सबक नहीं लिया 9 दिसंबर: बैटरी डिस्चार्ज, स्टीमर बंद।
12 दिसंबर: ओवरलोड स्टीमर नदी के बीच फंसी।


