भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर अकसर कहा जाता है कि एक छोटा सा संकल्प भी बड़े बदलाव की नींव रख सकता है, और “रक्तकोष फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित “हेलमेट पहनो-जीवन बचाओ’ मेगा शपथ अभियान ने इस बात को सच साबित कर दिया। 6 दिसंबर को राजस्थान में शुरू हुए इस अभियान को अब वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज कर लिया गया है, जो सड़क सुरक्षा पर अब तक का सबसे बड़ा शपथ अभियान बन गया है। इस अभियान में प्रदेश के 16,437 स्कूलों के कुल 21 लाख 44 हजार 6 सौ 87 विद्यार्थियों ने शपथ लेकर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। मेगा अभियान में श्रीगंगानगर जिले ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। यहां 896 स्कूलों के 1,23,959 विद्यार्थियों ने हेलमेट को जीवन रक्षा कवच मानते हुए शपथ ली। अभियान का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी द्वारा किया गया था। अभियान को 450 वॉलंटियर्स ने संभाला : चैनाराम सारस्वत ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के पीछे 450 वॉलंटियर्स की कड़ी मेहनत और समन्वय था, जिन्होंने राज्यव्यापी अभियान की पूरी कमान संभाली। इन सदस्यों ने शिक्षा विभाग, स्कूलों और विद्यार्थियों के बीच सेतु का काम किया, जिससे इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एक ही समय में शपथ दिलाना संभव हो पाया। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि हर युवा के मन में हेलमेट को सुरक्षा की अनिवार्य वस्तु के रूप में स्थापित करना था। इस व्यापक अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और आमजन को हेलमेट के महत्व से अवगत कराना तथा सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि को कम करना है। गंभीर चिंता का विषय यह है कि प्रतिवर्ष लगभग 30,000 लोग केवल हेलमेट न पहनने के कारण जान गंवा रहे हैं। इस हिसाब से देखें तो भारत में पिछले साल हर दिन औसतन 80 लोगों ने हेलमेट नहीं पहनने के चलते जान गंवाई। इस वर्ष 10,000 बच्चों की भी सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई है। सही तरीके से पहना गया हेलमेट जीवन बचाने में बेहद प्रभावी है। इसकी आदत डालनी चाहिए ताकि दोपहिया वाहन चालक सुरक्षित यात्रा कर सकें। हेलमेट लगाने से इस तरह के हादसों में मौत की आशंका करीब 50 प्रतिशत तक कम होती है।


