लीगल रिपोर्टर| बिलासपुर राज्य में वर्ष 2025 की चौथी और आखिरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को किया गया। इसमें राज्य में रिकॉर्ड 55 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 649 करोड़ रुपए से अधिक का अवॉर्ड पारित किया गया। चीफ जस्टिस एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने लोक अदालत की कार्यवाहियों का वर्चुअल माध्यम से निरीक्षण कर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों से जुड़कर प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने हाई कोर्ट में नेशनल लोक अदालत के लिए गठित दोनों खंडपीठों का भ्रमण किया। पीठासीन जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा और जस्टिस बिभू दत्ता गुरु से चर्चा कर कार्यवाहियों का जायजा लिया। नेशनल लोक अदालत में हाई कोर्ट से लेकर तालुका स्तर के न्यायालयों के साथ ही राजस्व न्यायालयों में भी प्रकरणों का निराकरण किया गया। माध्यम और मोबाइल वैन का उपयोग इस नेशनल लोक अदालत में तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया। जहां पक्षकार नहीं आ सके, उन्हें वर्चुअल माध्यम से जोड़कर और मोबाइल वैन के माध्यम से भी प्रकरणों का निराकरण किया गया।


