वॉलीबॉल खिलाडियों के ट्रायल पर रोक:दो एसोसिएशन के झगड़ों के बीच चयनित खिलाड़ी पहुंचे थे हाई कोर्ट

उत्तराखंड में वॉलीबॉल के 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए राजस्थान ओलम्पिक एसोसिएशन की ओर से आयोजित हो रहे खिलाडियों के ट्रायल पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। जस्टिस महेन्द्र गोयल की अदालत ने दुष्यतं सिंह व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह रोक लगाई। अदालत ने मामले से जुड़े सभी पक्षकारों को कल तक जवाब देने के समय दिया हैं। दो एसोसिएशन के झगड़े में खिलाड़ियों के हित प्रभावित
याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता आरबी माथुर ने अदालत को बताया कि वॉलीबॉल के 38वें राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से उत्तराखंड में आयोजित हो रहे हैं। इसके लिए भारतीय ओलम्पिक संघ ने गत 20 दिसंबर को पत्र जारी कर अनिश व्यास की अध्यक्षता में बने राजस्थान ओलम्पिक एसोसिएशन को इस प्रतियोगिता के लिए खिलाडियों का चयन करने को कहा। इसकी पालना में राजस्थान ओलम्पिक एसोसिएशन ने याचिकाकर्ताओं सहित अन्य खिलाडियों का चयन कर 28 दिसंबर को चयन सूची जारी कर दी। याचिका में कहा गया कि इसके बाद भारतीय ओलम्पिक संघ ने तेजस्वी सिंह की अध्यक्षता वाले राजस्थान ओलम्पिक एसोसिएशन को मान्यता दे दी। अब दूसरी एसोसिएशन नए सिरे से खिलाडियों का ट्रायल कर रही है। जबकि याचिकाकर्ताओं का पूर्व में चयन हो चुका है और उनकी तैयारियां चल रही हैं। दो एसोसिएशन के झगडे में याचिकाकर्ता खिलाडियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। सुनवाई के दौरान राजस्थान ओलम्पिक संघ की ओर से अदालत को आश्वस्त किया गया कि वे आगामी सुनवाई तक ट्रायल नहीं करेंगे। इस पर अदालत ने ट्रायल पर रोक लगाते हुए पक्षकारों को जवाब पेश करने के लिए दस जनवरी तक का समय दिया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *