आलीराजपुर नगर पालिका ने शहर में विद्युत कंपनी कार्यालय और जिला अस्पताल के सामने शापिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण की योजना बनाई थी। एक जगह काम भी शुरू कर दिया गया। हालांकि राजस्व विभाग ने यह कहकर नोटिस दिया है कि यह जमीन निकाय की नहीं, बल्कि राजस्व विभाग की है। इसके बाद काम रोक दिया गया है। इधर, नगर पालिका का कहना है कि हमारे पास सारे दस्तावेज हैं। अगर स्थानीय स्तर पर मामला नहीं सुलझा तो न्यायालय में जाएंगे। नगर पालिका ने खंडवा-बड़ौदा राजमार्ग पर बिजली कंपनी कार्यालय और दाहोद रोड पर जिला अस्पताल के सामने कॉम्प्लेक्स निर्माण की योजना तैयार की थी। बिजली कंपनी के सामने 25 और अस्पताल के सामने 15 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए पिछले दिनों दोनों स्थानों से अतिक्रमण भी हटाया गया था। इसके बाद पालिका ने बिजली कंपनी कार्यालय के सामने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया। यहां गड्ढे खोदकर नींव तैयार करने का काम किया जा रहा था। इसी बीच इन जमीनों पर राजस्व विभाग की नजर पड़ी। विभाग ने रिकार्ड देखे तो सामने आया कि यह जमीन नजूल के रूप में दर्ज है। इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तपीस पांडे ने आपत्ति जताते हुए नगर पालिका को काम रोकने का नोटिस दिया। इस पर पालिका के अफसरों ने एसडीएम के समक्ष दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। फिलहाल काम रोक दिया गया है। अब दोनों ओर से यह दावा है कि जमीन हमारी है और काम रुका पड़ा है। यह मामला अब लंबा भी खिंच सकता है। निकाय को उम्मीद राजस्व में होगी बढ़ोतरी निकाय ने शापिंग काम्प्लेक्स निर्माण की योजना इस उद्देश्य से बनाई थी कि इससे अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। हालांकि राजस्व विभाग की आपत्ति के बाद यह योजना अधर में आ गई है। गड्ढे खुदे पड़े, हादसे का बना रहेगा डर राजस्व विभाग की आपत्ति के बाद पालिका ने काम रोक दिया है। मौके पर गड्ढे खुदे पड़े हैं और सरिये भी बाहर निकल रहे हैं। आसपास बच्चे भी खेलते हैं। ऐसे में लंबे समय तक यहां यथास्थिति रही तो हमेशा हादसे का डर बना रहेगा। सीएमओ बोले- हमारे पास सारे दस्तावेज प्रभारी सीएमओ कमल मुलाल्दे ने कहा कि हमारे पास जमीनों के सारे दस्तावेज हैं। सभी राजस्व विभाग के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं। फिलहाल काम रोक दिया है। अगर स्थानीय स्तर पर निराकरण नहीं हुआ तो हम न्यायालय में जाएंगे। एसडीएन ने कहा- जमीन राजस्व विभाग की एसडीएम तपीस पांडे ने बताया कि शासकीय रिकार्ड में जमीन राजस्व विभाग की है। इसलिए नोटिस जारी किया था। इसे लेकर नगर पालिका ने भी दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।


