प्रभारी प्राचार्य ने ट्रेजरी आपत्ति के बाद भी दी 2:आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप में जांच शुरू, DEO ने मांगा स्पष्टीकरण

सतना जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सज्जनपुर की प्रभारी प्राचार्य विभा शुक्ला गंभीर मुश्किलों में घिर गई हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने जिला कोषालय (ट्रेजरी) की आपत्ति के बावजूद उच्च माध्यमिक शिक्षक राजीव लोचन अग्निहोत्री को दो वार्षिक वेतनवृद्धि का अनाधिकृत लाभ दिया।मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी कंचन श्रीवास्तव ने इस प्रकरण की जांच के निर्देश देते हुए रामपुरबघेलान बीईओ सुधांशु द्विवेदी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।बीईओ द्वारा प्रभारी प्राचार्य विभा शुक्ला को सात सूत्रीय कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। निलंबन से शुरू हुआ पूरा विवाद
यह पूरा मामला उच्च माध्यमिक शिक्षक राजीव लोचन अग्निहोत्री से जुड़ा है। वर्ष 2024 में वे सज्जनपुर स्कूल में प्रभारी प्राचार्य थे।प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में रीवा संभागायुक्त ने उन्हें 5 फरवरी 2024 को निलंबित कर दिया था। निलंबन के खिलाफ अग्निहोत्री को 24 जुलाई 2024 को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिला, लेकिन वे करीब छह माह तक निलंबन में रहे।चूंकि मामला न्यायालय में लंबित था, इसलिए तत्कालीन डीईओ ने नियमों के तहत वर्ष 2024 की वार्षिक वेतनवृद्धि रोके रखी थी। इस दौरान उनकी सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) डीईओ कार्यालय में संधारित थी। प्राचार्य पद से हटाए गए, फिर बदला समीकरण
हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के आधार पर अग्निहोत्री प्रभारी प्राचार्य बने रहे, लेकिन जून 2025 में 11वीं कक्षा के इतिहास विषय में विद्यार्थियों को प्रवेश न देने के आरोप लगे।डीईओ ने बीईओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर 28 जून को अग्निहोत्री को प्रभारी प्राचार्य पद से हटाकर उच्च माध्यमिक शिक्षक बना दिया गया।इसके बाद विभा शुक्ला को प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपा गया। नियम ताक पर रखकर लगाया इंक्रीमेंट: आरोप
आरोप है कि प्रभारी प्राचार्य बनने के बाद विभा शुक्ला ने नियम-कायदों को दरकिनार करते हुए राजीव लोचन अग्निहोत्री को आर्थिक लाभ पहुंचाया।बताया गया कि— ट्रेजरी ने पकड़ा खेल, उठाई आपत्ति अक्टूबर माह में यह मामला जिला कोषालय (ट्रेजरी) की जांच में सामने आया।ट्रेजरी ने स्पष्ट आपत्ति दर्ज की कि “जब वर्ष 2024 की वेतनवृद्धि लंबित है, तो वर्ष 2025 की वेतनवृद्धि किस आधार पर दी गई?” ट्रेजरी द्वारा इंक्रीमेंट अमान्य किए जाने के बाद अग्निहोत्री का वेतन पूर्ववत हो गया। सीएम हेल्पलाइन की शिकायत से खुली परतें
वेतन घटने पर राजीव लोचन अग्निहोत्री ने 30 अक्टूबर को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत पर 24 नवंबर को डीईओ ने रिपोर्ट तलब की, तब पूरे मामले की परतें खुलीं। आरोप है कि इसके बाद जैसे ही सेवा पुस्तिका संकुल स्कूल पहुंची, प्रभारी प्राचार्य ने नियम विरुद्ध तरीके से वर्ष 2024 और 2025 दोनों की वेतनवृद्धि बैक डेट में दर्ज कर दी। डीईओ बोले – मामला गंभीर, होगी सख्त कार्रवाई
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कंचन श्रीवास्तव ने कहा “मामला गंभीर प्रकृति का है। जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।” रामपुरबघेलान बीईओ सुधांशु द्विवेदी ने बताया कि “डीईओ के निर्देश मिलते ही प्रभारी संकुल प्राचार्य से सात बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।”

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