सीधी जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सीधी जिला अपराध, भय और अव्यवस्था के दौर से गुजर रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी जनता की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं हैं। ज्ञान सिंह ने प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। उन्होंने उदाहरण दिया कि सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के पुत्र को भी जनसुनवाई में अपनी समस्या बताने का अवसर नहीं मिला, ऐसे में आम नागरिकों की सुनवाई कैसे होगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष में जिले में दर्जन से अधिक हत्याएं हुई हैं। कई मामलों में आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं और अपराध की गुत्थी भी नहीं सुलझ पाई है। उन्होंने हेड कॉन्स्टेबल की मौत का भी जिक्र किया, जिसके आरोपी पति की गिरफ्तारी न होने से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कलेक्टर समेत कई जनप्रतिनिधि फोन नहीं उठाते ज्ञान सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि कलेक्टर सहित कई जनप्रतिनिधि आम जनता के फोन नहीं उठाते। उन्होंने ग्राम कुर्रेवाह का उदाहरण दिया, जहां रेलवे विभाग द्वारा पीसीसी सड़क उखाड़ने से आवागमन बाधित हो गया है। संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण ग्रामीण भयभीत हैं और अपनी समस्या खुलकर नहीं बता पा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी बताया कि प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम का जिले के पत्रकारों ने बहिष्कार किया था, क्योंकि उनकी बातों को भी लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। ज्ञान सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने के बावजूद सीधी जिले में विकास के नाम पर केवल घोषणाएं हुई हैं, धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है।


