छिंदवाड़ा में श्री बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने गोमाता और अन्य पशुओं के साथ हो रहे अप्राकृतिक कृत्यों पर चिंता जताई। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम सुधीर जैन को ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग है कि ऐसे कुकर्म करने वालों के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाए और कड़ी सजा का प्रावधान हो। ज्ञापन में बताया गया कि 2023 में नए कानूनों के लागू होने के बाद IPC की धारा 377 समाप्त कर दी गई है। इसके बाद पशुओं के साथ अप्राकृतिक कृत्य को लेकर कोई स्पष्ट और कठोर नियम नहीं बचा है। पहले धारा 377 में 10 साल तक की सजा थी, जिससे डर बना रहता था। अब पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत केस दर्ज होते हैं, जो नाकाफी हैं। इसमें न तो कड़ी सजा है और न ही जेल भेजने जैसा कड़ा प्रावधान। हरदा के दो मामलों का दिया हवाला कार्यकर्ताओं ने हरदा जिले की दो घटनाओं का जिक्र किया। पहला मामला 14 फरवरी 2025 को हरदा कोतवाली और दूसरा 16 अक्टूबर 2025 को रहटगांव थाने में दर्ज हुआ था। दोनों ही मामलों में पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम की हल्की धाराओं में केस दर्ज किया। संगठन का कहना है कि गोवंश के साथ ऐसे कृत्य गंभीर अपराध हैं। गौ रक्षा प्रमुख बोले- यह आस्था पर चोट गौ रक्षा प्रमुख जिला अध्यक्ष आदर्श पांडे ने कहा, “गोमाता हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। उनके साथ ऐसे कृत्य निंदनीय हैं। अगर कानून सख्त नहीं हुआ तो अपराध बढ़ेंगे।” कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि पशुओं की सुरक्षा के लिए अलग से कठोर कानून बनाया जाए।


