शहडोल जिले के जैतपुर वन परिक्षेत्र की रसमोहनी बस्ती में भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दो सप्ताह में यह पांचवीं बार है जब भालू गांव के बाजार क्षेत्र में घुस आया। बार-बार हो रही इस घटना से ग्रामीणों में डर का माहौल है और वन विभाग के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रात में बाजार पहुंचा भालू रविवार रात एक बार फिर भालू रसमोहनी बाजार में देखा गया। उसी समय जैतपुर थाने की पुलिस टीम इलाके में पेट्रोलिंग कर रही थी। पुलिस ने वाहन की लाइट और सायरन बजाकर भालू को जंगल की ओर खदेड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की समय पर मौजूदगी से बड़ा हादसा टल गया। लोग बोले- वन विभाग के दावों की पोल खुली स्थानीय लोगों के अनुसार, भालू की लगातार आवाजाही की जानकारी कई बार वन विभाग को दी जा चुकी है। विभाग की ओर से यह कहा गया था कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त वनकर्मी बस्ती व बाजार क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। हालांकि, बीती रात की घटना ने इन दावों की सच्चाई सामने ला दी है। मौके पर नहीं था कोई वनकर्मी ग्रामीणों का आरोप है कि जब भालू बाजार में घुसा, उस समय मौके पर कोई भी वनकर्मी मौजूद नहीं था। गौरतलब है कि रविवार शाम को स्वयं डीएफओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद उसी रात भालू का फिर से बस्ती में आ जाना वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। स्थायी समाधान की मांग लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। लोगों ने वन विभाग से नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


