बीजेपी नेता राजेन्द्र राठौड़ ने भारतीय आदिवासी पार्टी की तुलना नक्सलियों से की है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बाप के नेता आंदोलन करते है, अराजकता फैलाने की कोशिश करते है। पिछले दिनों अलग से भील प्रदेश बनाने की मांग कर देश के टुकड़े-टुकड़े करने की साजिश करने वालों को यही कहा जाएगा। हर व्यक्ति उन्हें यही कहेगा। वे अराजकता का माहौल बनाकर नक्सलवाद की तर्ज पर नौजवानों को आगे ले जाना चाहते हैं। राठौड़ राजस्थान में भजनलाल सरकार के 2 साल पूरे होने पर उदयपुर में पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात कर रहे थे। सरकार की उपलब्धियों को बताने के लिए राठौड़ प्रदेश महामंत्री मिथलेश गौतम के साथ पहुंचे थे। राठौड़ ने कहा वे लोग कहते है कि कमीशन खोरी उचित है। राजकुमार रोत के बयानों को सुना है, ये अफसोस की बात है। जो लोग सवाल पूछने के बदले में पैसे लेने लग जाते है, अब उनकी कलाई खुल चुकी है। उनका विस्तार जितना हो था, हो गया। उन्होंने भ्रामक माहौल बनाकर नौजवानों को गुमराह किया है। वे अराजकता का माहौल बनाकर नक्सलवाद की तर्ज पर नौजवानों को ले जाना चाहते हैं। लेकिन अब नौजवानों भी समझ गए है। आने वाले पंचायती राज और निकाय चुनाव में अब लिटमस टेस्ट हो जाएगा। बाप को सीरियस लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बुद्विजीवी व्यक्ति को किसी भी जनप्रतिनिधि की बात को गंभीरता से सुनना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं आधारित पार्टी है। बिहार से जिस तरह एबीवीपी से काम शुरू करने वाले नेता को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। हमारे काम में कोई कमी नहीं है। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में वसुंधरा राजे का कार्यकाल स्वर्णिम था अब भजनलाल सरकार ने कमाल कर दिया है। उन्होंने राजस्थान की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल दी है। कांग्रेस नेताओं के जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर आकर बहस करने के आरोप पर राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा से बड़ा कोई संवैधानिक मंच नहीं है। विधानसभा का सत्र आ रहा है। वे विधानसभा में आंकड़ों से साबित कर सकते है कि कांग्रेस के 5 साल बनाम 2 साल में बेहतर काम हुए है। राठौड़ ने कहा वे सीएम शर्मा को विधानसभा में 2 दिनों की बहस रखने का कहकर आए है। इस दौरान शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह समेत पार्टी से कई पदाधिकारी मौजूद थे।


