रिश्वतखोर नगर पालिका अधिकारी को 3 साल की सजा:छनेरा में 15 हजार लेते लोकायुक्त ने दबोचा था; नामांतरण के बदले मांगी थी घूस

खंडवा जिले के नगर परिषद छनेरा के राजस्व उपनिरीक्षक किशनलाल चेतमल को भ्रष्टाचार के मामले में 3 साल की जेल और 20 हजार रुपए का जुर्माना सुनाया गया है। यह फैसला खंडवा जिला कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अरविंदसिंह टेकाम ने सुनाया। मामले की जांच लोकायुक्त इंदौर ने की थी। इस केस में करीब 6 साल बाद न्यायालय ने फैसला दिया। नामांतरण के बदले मांगे थे पैसे फरियादी आत्माराम, निवासी श्रीकृष्णपूरम कॉलोनी खंडवा, ने 2007 और 2014 में क्रमशः 400 वर्गफुट और 280 वर्गफुट के दो भूखंड खरीदे थे। मकान निर्माण के लिए नगर परिषद से प्लाट नामांतरण और अनुमति आवश्यक थी। 27 मार्च 2018 को उसने आवेदन दिया। किशनलाल चेतमल ने काम रोकने और शिकायत वापस कराने की कोशिश की। इसके बाद फरियादी ने सीएम हेल्पलाइन और कलेक्टर को शिकायत की। किशनलाल ने अनुमति देने के लिए 23 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। लोकायुक्त की कार्रवाई में रंगेहाथ पकड़ाया लोकायुक्त इंदौर ने 11 जून 2018 को फरियादी को नगर परिषद के कक्ष में भेजा। इस दौरान किशनलाल चेतमल ने फरियादी से 15 हजार रुपए की रिश्वत ली, जिसे लोकायुक्त ने रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी ने राशि अपनी पेंट की जेब में रखी थी। रंगेहाथ पकड़े गए मामले की प्रतिवेदन और चालान कोर्ट में पेश किया गया। अब कोर्ट ने आरोपी को 3 साल की जेल और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इस निर्णय के बाद भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया गया है।

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