गौ सेवक मैत्री संघ की वेतन-भत्ते, स्थायी नियुक्ति की मांग:धार में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, ऑनलाइन कार्य बंद करने की चेतावनी

धार जिले में गौ सेवक मैत्री संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को जिले भर से बड़ी संख्या में गौ सेवक मैत्री संघ के पदाधिकारी और सदस्य कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम तहसीलदार दिनेश कुमार उइके को ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला उपाध्यक्ष राम पंवार ने बताया कि गौ सेवक मैत्री पिछले 20 से 22 वर्षों से पशुपालन विभाग के माध्यम से गांवों में पशुओं का प्राथमिक उपचार, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, बधियाकरण और शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें आज तक न तो नियमित मासिक वेतन भत्ता दिया जा रहा है और न ही पंचायत स्तर पर स्थायी नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आगामी पशु समृद्धि संपर्क अभियान 2.0 में प्रति घर केवल 5 रुपए वेतन भत्ता तय किया गया है। महंगाई के इस दौर में यह राशि परिवार के पालन-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी कारण जिले के सभी गौ सेवक मैत्री इस अभियान का विरोध कर रहे हैं। संघ ने निर्णय लिया है कि वे विभाग के किसी भी प्रकार के ऑनलाइन कार्य नहीं करेंगे। संघ का कहना है कि जब तक सरकार गौ सेवक मैत्री के भविष्य को लेकर ठोस निर्णय नहीं लेती और नियमित मासिक मानदेय तय नहीं करती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। संघ ने सरकार से मांग की है कि गौ सेवक मैत्री को पंचायत स्तर पर नियुक्ति देकर उन्हें स्थायी और सम्मानजनक मानदेय दिया जाए, ताकि वे पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

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