सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट के सीनियर प्रोफेसर डॉ. मनीष अग्रवाल को आज हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। डॉ. अग्रवाल को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में 9 अक्टूबर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उनको जेल भेजा गया था। डॉ. अग्रवाल को ब्रेन कॉयल सप्लाई करने वाली कंपनी से रिश्वत लेने के मामले में ट्रेप किया था। कंपनी के 12.50 लाख रुपए के बिल पास करने की एवज में रिश्वत मांगी थी। डॉ. अग्रवाल के साथ ही सह आरोपी जगत सिंह तंवर को भी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जस्टिस अनिल कुमार उपमन की एकलपीठ ने ये आदेश दिए है। 9 अक्टूबर को एसीबी की कार्रवाई के दौरान रंगे हाथों पकड़े जाने से बचने के लिए डॉक्टर के एक कर्मचारी ने रिश्वत की रकम को तुरंत एक खाली प्लॉट में फेंक दिया था। ACB टीम ने सतर्कता से तुरंत पैसों को बरामद किया था। इस छापेमारी के बाद एसीबी के सर्च ऑपरेशन में कई संपत्तियों के खरीद संबंधि दस्तावेज भी मिले थे। इसमें जयपुर में एक फ्लैट, तीन मकान और एक कृषि भूमि के दस्तावेज शामिल थे, जिनकी कीमत करोड़ों रुपए आंकी गई थी। निलंबन के बाद जोधपुर उपस्थिति देने के आदेश एसीबी से गिरफ्तार होने के कुछ दिन बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने उनके निलंबन के आदेश जारी किए थे और निलंबन काल के दौरान उनकी उपस्थिति जोधपुर मेडिकल कॉलेज में देने के निर्देश दिए थे।


