अनियमितता मिलने पर आश्रम अधीक्षिका, पटवारी, दो सचिव निलंबित:श्योपुर कलेक्टर ने कराहल के गांवों के दौरे में दिए निर्देश

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सोमवार को आदिवासी विकासखंड कराहल के विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का आकलन किया। लापरवाही और उदासीनता पाए जाने पर एक आश्रम अधीक्षिका, एक पटवारी और दो पंचायत सचिवों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। ग्राम ककरधा के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर वर्मा ने बंद पड़े आटा प्लांट को फिर से शुरू करने के निर्देश एनआरएलएम अधिकारियों को दिए। उन्होंने मनरेगा परियोजना अधिकारी विक्रम जाट को मौके पर बुलाकर पंचायत के माध्यम से किचन शेड की पुताई कराने, अनुपयोगी भवनों को हटाने का प्रस्ताव तैयार करने और स्कूलों में शौचालयों के निर्माण के निर्देश भी दिए। इसी गांव में शासकीय अनुसूचित जनजातीय आश्रम भीमलत (ककरधा) के निरीक्षण में अव्यवस्था मिली और अधीक्षिका रश्मि उमरैया अनुपस्थित पाई गईं। इस पर उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए गए। नियमित निरीक्षण न करने पर संबंधित सीएसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। गांव में साफ-सफाई न होने और पंचायत कार्यों में उदासीनता बरतने पर जीआरएस किशन शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। कलेक्टर वर्मा ने ग्राम पिपरानी में प्राइमरी और मिडिल स्कूल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मध्याह्न भोजन का अवलोकन किया। मेन्यू के अनुसार भोजन न बनने पर संबंधित गायत्री स्वसहायता समूह को हटाने के निर्देश सीईओ जनपद कराहल को दिए गए। ग्रामीणों से चर्चा के दौरान पटवारी के गांव में न आने की शिकायत मिली। इस पर एसडीएम बीएस श्रीवास्तव को संबंधित पटवारी शुभ्रा को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। पंचायत भवन परिसर में गंदगी मिलने और पंचायत कार्यों में रुचि न लेने के कारण एक पंचायत सचिव को निलंबित करने के आदेश भी दिए गए। बरगवा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का अवलोकन कलेक्टर वर्मा ने बरगवा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अवलोकन के दौरान प्रदाय की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया गया, इस दौरान डॉ अंजली जागिड मौजूद रही। पंचायत कार्यो के भ्रमण के दौरान यात्री प्रतिक्षालय में गंदगी मिलने, सामुदायिक स्वच्छता परिसर के बंद पाये जाने और ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने पर पंचायत सचिव कांती भदौरिया को निलंबित करने के निर्देश दिए। ग्राम सरारी में आंगनवाड़ी केंद्र का अवलोकन किया गया तथा प्रायमरी स्कूल में मध्यान्ह भोजन चखकर गुणवत्ता जांची गई, भोजन मैन्यू अनुसार नही होने तथा गुणवत्ताहीन पाये जाने पर जय अम्बे स्वसहायता समूह को हटाने के लिए निर्देशित किया गया। ककरधा, सरारी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की संख्या न्यूनतम पाये जाने पर महिला बाल विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार अम्ब को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। तहसील कार्यालय कराहल और गोरस का निरीक्षण कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा वनाचंल के भ्रमण के दौरान तहसील कार्यालय कराहल का निरीक्षण किया गया तथा नामांतरण, सीमांकन कार्यो की समीक्षा की गई, इस दौरान तहसीलदार रोशनी शेख मौजूद रहीं। फोती नामांतरण में रिपोर्ट को काफी समय से लंबित रखने पर सेसईपुरा के पटवारी भगवती प्रसाद शर्मा को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार बुखारी के पटवारी राघवेन्द्र शर्मा एवं बर्धाखुर्द के पटवारी सिराज अहमद को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया गया। इसी प्रकार गोरस तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान हीरापुर निवासी कन्या आदिवासी का फोती नामांतरण करने के निर्देश नायब तहसीलदार नरेन्द्र जैन को दिए। कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान आदिवासी की नारेबाजी कराहल अनुभाग के निरीक्षण पर पहुंचे कलेक्टर से आदिवासी ग्रामीणों की मुलाकात हुई। इस दौरान ग्राम पंचायत सरजूपुरा एवं आसपास के ग्रामों के आदिवासी ग्रामीण एसडीएम कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर वन अधिकार पट्टों की मांग को लेकर नारेबाजी करते नजर आए। ग्रामीणों का कहना था कि वे वर्षों से जिस भूमि पर खेती और निवास कर रहे हैं, उस पर उन्हें वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत पट्टा नहीं दिया गया है। नारेबाजी की सूचना मिलने पर कलेक्टर ने उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने वन विभाग पर साक्ष्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग रखी। कलेक्टर ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सभी मामलों की जांच कर पात्र आदिवासी हितग्राहियों को नियमानुसार वन अधिकार पट्टे दिलाने का आश्वासन दिया। कलेक्टर के आश्वासन के बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ।

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