‘पेपरलेस’ हुए चेक बाउंस के मुकदमे; पायलट प्रोजेक्ट शुरू:जोधपुर और जयपुर की दो कोर्ट में ई-फाइलिंग शुरू, जल्द होगी अनिवार्य

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए NI Act (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट) के मामलों में पेपरलेस कोर्ट व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जोधपुर और जयपुर की दो विशेष अदालतों में सोमवार (15 दिसंबर 2025) से पेपरलेस कामकाज शुरू हो गया है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में तीन दिन पहले सर्कुलर जारी कर इसकी घोषणा की थी।​ पायलट कोर्ट के रूप में स्पेशल कोर्ट (NI एक्ट केसेज) नंबर 9, जोधपुर मेट्रो और स्पेशल कोर्ट (NI एक्ट केसेज) नंबर 1, जयपुर मेट्रो-II को चुना गया है। इन दोनों अदालतों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मामलों की फाइलिंग अब केवल ई-फाइलिंग के माध्यम से ही की जाएगी।​ शुरुआत में हार्ड कॉपी भी देनी होगी शुरुआती चरण में वकीलों और पक्षकारों को सलाह दी गई है कि वे 15 दिसंबर से इन दोनों पायलट कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी NI Act मामलों की ई-फाइलिंग शुरू करें और उसके बाद शिकायत, जवाब और दस्तावेजों की हार्ड कॉपी भी जमा करें। हालांकि, अनिवार्य ई-फाइलिंग की तारीख जल्द ही अधिसूचित की जाएगी। अनिवार्य ई-फाइलिंग की तारीख की अधिसूचना के बाद इन दोनों पायलट कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों के लिए भौतिक फाइलिंग की जरुरत नहीं होगी।​ सुप्रीम कोर्ट के पोर्टल पर होगी ई-फाइलिंग ई-फाइलिंग सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी के ई-फाइलिंग पोर्टल https://filing.ecourts.gov.in/pdedev/ पर की जाएगी। ई-फाइलिंग वर्जन 3.0 से संबंधित यूजर मैनुअल और वीडियो ट्यूटोरियल सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी के ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध हैं। राजस्थान हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के लिए 11 अगस्त 2023 को संशोधित ई-फाइलिंग दिशा-निर्देश भी राजस्थान हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।​ अधिवक्ताओं और पक्षकारों से अनुरोध किया गया है कि वे एडवोकेट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और ई-फाइलिंग वर्जन 3.0 से संबंधित अन्य प्रक्रियाओं को समझने के लिए यूजर मैनुअल, वीडियो ट्यूटोरियल और दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।​ घर या ऑफिस से कर सकेंगे ई-फाइलिंग ई-फाइलिंग के लिए स्कैनिंग और उसके बाद संबंधित डेटा एंट्री के साथ ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी है, जो संबंधित वकील या व्यक्ति अपने घर, ऑफिस या किसी अन्य स्थान से कर सकते हैं। सुविधा के लिए जोधपुर मेट्रो और जयपुर मेट्रो-II के संबंधित जिला अदालत परिसर में ई-फाइलिंग काउंटर/JSC पर स्कैनिंग और ई-फाइलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।​ यह सुविधा जिला अदालतों में स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन का काम कर रही कंपनी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। सर्विस प्रोवाइडर शुल्क के आधार पर स्कैनिंग और ई-फाइलिंग की सुविधा प्रदान करेगी। इस सुविधा का लाभ उठाने वाले संबंधित व्यक्ति द्वारा भुगतान सीधे उपरोक्त फर्म को केवल UPI पेमेंट लिंक/QR कोड के माध्यम से किया जाएगा।​ ई-फाइलिंग पोर्टल पर यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करने के उद्देश्य से संबंधित अधिवक्ता या वादकार को कंप्यूटर सिस्टम जैसी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। लॉगिन के बाद ई-फाइलिंग के लिए आवश्यक एंट्री के लिए उपरोक्त फर्म के कर्मियों की सहायता ली जा सकती है।​

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