जबलपुर में 76 लाख की ठगी के 2 आरोपी पकड़ाए:एक प्रतिशत कमीशन के बदले किराए पर दिए बैंक खाते; 72 वर्षीय बुजुर्ग से की थी ठगी

जबलपुर के संजीवनी नगर में रहने वाले 72 वर्षीय बुजुर्ग से 76 लाख रुपए की ठगी के मामले में जबलपुर क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उत्तरप्रदेश के लखनऊ से गिरफ्त में आए आरोपियों के नाम अजय शर्मा और वेद प्रकाश वर्मा है। IPS अधिकारी बनकर ठगों ने बुजुर्ग अनिल कुमार को सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली पुलिस का डर दिखाया। इसके बाद 76 लाख रुपए जमा करने के लिए कहा था, वह खाता अजय शर्मा का था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि 1 प्रतिशत की राशि लेकर उसने साइबर ठगों को खाता किराए पर दिया था। जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों ही आरोपियों को सोमवार को ही जिला कोर्ट में पेश किया। जहां से पूछताछ के लिए उन्हें 3 दिन की रिमांड पर लिया है। क्राइम ब्रांच का दावा है कि पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। क्राइम ब्रांच की टीम ठगों के उन खातों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जहां पर इन आरोपियों ने पैसे जमा कर रखे हैं। ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोपी के पास तुम्हारा ATM
दरअसल, 22 नवंबर 2025 को संजीवनी नगर निवासी अनिल कुमार नन्हौरिया के मोबाइल पर वॉट्सऐप काॅल आता है। जिसमें कहा जाता है कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में फंसे सदाकत खान के पास से तुम्हारे नाम का एटीएम कार्ड मिला है। IPS अधिकारी बनकर बुजुर्ग से बात कर रहे ठग ने धमकाते हुए कहा कि आपके नाम से एक मोबाइल सिम जारी हुआ है। इसका उपयोग कर लोगों को डराया धमकाया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट दिल्ली थाना में दर्ज हुई है। आपको दिल्ली आकर थाना में स्टेटमेंट दर्ज करना होगा। बुजुर्ग को धमकाया, FD तुड़वाई, दिया खाता नंबर
IPS और सीबीआई अधिकारी बनकर ठगों ने बुजुर्ग को धमकाते हुए एफडी तुड़वाई और फिर एक खाता नंबर दिया, जिसमें कहा गया कि यह सुप्रीम कोर्ट का है, इसमें 76 लाख रुपए जमा करो दो, जिसे कि बाद में वापस कर दिया जाएगा। फर्जी आईपीएस अधिकारी जो कि अपना नाम विजय कुमार बता रहा था, उसने अनिल कुमार से कहा कि यह एक सीक्रेट मिशन है। राष्ट्रीय सुरक्षा के हिसाब से इसकी जानकारी किसी को भी देने पर 3 साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना का प्रावधान है। डर के कारण पीड़ित अनिल कुमार ने यह बात किसी से भी साझा नहीं की। इसके बाद जालसाजों ने कहा कि आप हर तीन घंटे में वॉट्सऐप पर अपनी लोकेशन, एक्टिविटी और सीक्रेट बनाए रखने की सूचना देने को कहा गया। 24 नवंबर को ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस से डरे बुजुर्ग ने आईपीएस अधिकारी बनकर बात कर रहे शख्स की हर बात मान ली और फिर कीर्ति सान्याल द्वारा दिए गए खाता क्रमांक 730905000678 आईसीआईसीआई बैंक में जमा करने के लिए कहा गया। डरे बुजुर्ग ने 76 लाख रुपए जमा कर दिए। क्राइम ब्रांच निरीक्षक जितेंद्र पाटकर ने कहा कि अभी यूपी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जल्द ही इनकी टीम के अन्य सदस्य भी पकड़े जाएंगे।

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