वाराणसी में ऑनलाइन शॉपिंग के बाद गलत प्रोडक्ट्स की शिकायत करना उपभोक्ता को महंगा पड़ गया। उसने गूगल से जिस नंबर को निकालकर कॉल लगाई, वो साइबर अपराधियों का नंबर था। प्रोडक्ट् वापस करने के लिए एक ओटीपी जनरेट कर ग्राहक का खाता खाली कर दिया। कॉलिंग के दौरान ही जब ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे तो युवक को ऑनलाइन ठगी के शिकार होने की जानकारी मिली, जब तक पीड़ित युवक शिकायत दर्ज कराता, अपराधियों ने 56 हजार रुपए पार कर दिए। सूचना पर पुलिस ने केस दर्ज कर बैंक के जरिए ट्रांजेक्शन पर रोक लगवाते हुए धोखाधड़ी में पीड़ित की सम्पूर्ण धनराशि उसके खाते में वापस लौटाई। जिसे पाकर पीड़ित ने पुलिस का आभार जताया। डीसीपी क्राइम प्रमोद कुमार ने बताया कि अपराध शाखा कमिश्नरेट की साइबर अपराध सेल में 7 जनवरी 2025 को शिकायतकर्ता ने अपने साथ हुए साइबर फ्रॉड की सूचना दी थी, केस दर्ज करने के बाद साइबर क्राइम टीम ने जांच शुरू की। शिकायतकर्ता ने बताया गया कि उनके द्वारा अमेजन कंपनी से एक प्रोडक्ट के संबंध में शिकायत दर्ज कराने के लिए गूगल से कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया था। इसमें जो नंबर मिला उस पर ट्रूकॉलर में अमेजन लिखकर आ रहा था। नंबर पर काल कंपनी के कस्टमर केयर समझकर की गई लेकिन यह नंबर साइबर अपराधियों का निकला। उन लोगों ने एक लिंक भेजकर ओटीपी जेनरेट कर लिया और शिकायतकर्ता के क्रेडिट कार्ड एकांउट से 55,998 रुपये की ठगी कर ली। शिकायत के बाद केस को साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार तिवारी ने टीम के साथ हैंडल किया। साइबर सेल ने मर्चेंट, बैंक से प्रभावी पत्राचार किया और वादी के साथ हुई धोखाधड़ी की संपूर्ण धनराशि होल्ड करा दी। इस धनराशि को आज उसके खाते में लौटा दिया गया।


