सर्दी के साथ जिले में घने कोहरे ने दस्तक दे दी है और यही कोहरा अब जानलेवा साबित होने लगा है। बीते दो दिनों से छाया घना कोहरा वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। दृश्यता बेहद कम होने के कारण हाईवे पर हादसों का सिलसिला तेज हो गया है। सोमवार सुबह अलग-अलग स्थानों पर हुए दो बड़े सड़क हादसों ने एक बार फिर यातायात सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। पहला हादसा सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे हाईवे थाना क्षेत्र के भरतपुर-मथुरा मार्ग पर हुआ। घने कोहरे के बीच लोहागढ़ आगार की बस और बोलेरो की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस बोलेरो को करीब 10 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। हादसे में बोलेरो सवार 11 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से एक मौत हो गई। जबकि बस के कंडक्टर समेत 3 लोग घायल हो गए। वहीं ड्राइवर बस छोड़कर फरार हो गया। सहायक यातायात प्रबंधक मनीष शर्मा ने बताया कि लोहागढ़ आगार की बस मथुरा से खाटूश्याम जा रही थी। बस अपनी साइड में चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भरतपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने एक वाहन को तेजी से ओवरटेक किया। इसी दौरान सामने से रोडवेज आ गई और बोलेरो का ड्राइवर गाड़ी को नियंत्रित नहीं कर सका और बोलेरो बेकाबू होकर बस में जा घुसी। बस ड्राइवर ने तुरंत बस को एक साइड में काटा दिया। इससे बस अन्य वाहनों से टकराने से बच गई। मथुरा में बस–ट्रक–इको की भिड़ंत, कंडक्टर-ड्राइवर समेत 8 लोग घायल दूसरा हादसा मथुरा–दिल्ली हाईवे पर जैत कट के पास हुआ। घने कोहरे के बीच आगे चल रहे एक डंपर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे पीछे चल रही भरतपुर आगार की बस भिड़ गई। टक्कर के तुरंत बाद पीछे से आ रही ईको बस से जा टकराई। इसमें कंडक्टर-ड्राइवर समेत 5-6 लोग घायल हो गए। वहीं ईको मे सवार लोग भी घायल हुए हैं। हाइवे पर जाम लग गया। ये श्रद्धालु हुए घायल… सरला (निवासी शिवनी मांडवा, छिंदवाड़ा), कृष्णा सिंह (आरू गांव, थाना चांद, छिंदवाड़ा), नंदू चौरिया, सुंदरलाल (पथरी झील, थाना छिंदवाड़ा), फूल कुमारी (कमलेश्वर, नागपुर, छिंदवाड़ा) और रामकुमार सिंह (थापड़ संगाचौली, पहाड़गेट, मुरैना)। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से श्रद्धालुओं का एक दल बोलेरो से मथुरा-वृंदावन दर्शन के लिए आ रहा था। यह दल भरतपुर होते हुए मथुरा की ओर जा रहा था। सुबह के समय घना कोहरा छाया हुआ था। इसी दौरान तेज रफ्तार बोलेरो सामने से आ रही लोहागढ़ डिपो की बस से टकरा गई। टक्कर के बाद बोलेरो में सवार श्रद्धालु वाहन में फंस गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। हाईवे थाना पुलिस ने 108 एंबुलेंस की मदद से बोलेरो में फंसे सभी 11 घायलों को बाहर निकलवाकर जिला अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने चार घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी, जबकि सात श्रद्धालुओं को भर्ती किया गया। इलाज के दौरान दोपहर करीब 2 बजे श्रद्धालु पातीराम निवासी बांसखेड़ा, थाना चांद, जिला छिंदवाड़ा ने दम तोड़ दिया। बाद में मृतक और घायलों के परिजन अस्पताल पहुंचे और कुछ घायलों को निजी अस्पताल में ले गए।


