नई ठेका कंपनी की 55 सीएनजी गाड़ियां उठाएंगी कचरा:कचरा गाड़ी आने से पहले अलर्ट, मोबाइल पर बजेगी घंटी और आएगा मैसेज

शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। अब गली-मोहल्लों और चौराहों पर कचरे के ढेर नजर नहीं आएंगे। दरअसल, भरतपुर में नई सफाई कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। बेहतर सफाई के लिए कंपनी ने 55 सीएनजी वाहन खरीदे हैं। इसके अलावा शहर के प्रत्येक घर-मकान आदि पर आरएफआईडी कार्ड लगाया जाएगा। इससे रियल टाइम मॉनीटरिंग हो सकेगी। जिससे कचरा उठाने वाली गाड़ी की लाइव लोकेशन और स्थिति का पता चलता रहेगा। इसके लिए प्रत्येक घर के एक व्यक्ति को विशेष एप डाउनलोड करना होगा। इस पर सभी जानकारी उपलब्ध होगी। जिस पर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर, कचरा उठाने वाले कर्मचारी का नाम, लोकेशन आदि की जानकारी उपलब्ध होगी। एप पर दिखेगा गाडी का नंबर, कर्मचारी का नाम व मोबाइल नंबर प्रत्येक शहरवासी को मोबाइल में WeVOIS Model एप डाउनलोड करना होगा। एप डाउनलोड होने के बाद आपको अपना शहर सलेक्ट करना होगा। इसके बाद कंटीन्यू ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। अगले चरण में अपना वेरिफिकेशन करने के लिए मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद ओटीपी के माध्यम से सत्यापन होगा। इस एप में प्रोफाइल, शिकायत, व्हीकल लोकेशन आदि के ऑप्शन उपलब्ध होंगे। प्रोफाइल में आपका नाम, मोबाइल नंबर, पता, कॉलोनी, वार्ड नंबर और शहर का नाम दर्ज करना होगा। शिकायत के ऑप्शन में यह जानकारी उपलब्ध होगी कि किस तिथि कचरा उठाया गया या नहीं और स्टेट्स क्या है। इस एप में ड्राइवर और हेल्पर का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध होगा। अब एप पर दिखेगी कौन सी गाड़ी उठाएगी आपके घर का कचरा कंपनी के प्रभारी कमल ने बताया कि आईओटी बेस्ड सिस्टम लागू किया गया है। रियल टाइम मॉनीटरिंग पर काम होगा। प्रत्येक घर पर आरएफआईडी कार्ड लगेगा। जब भी गाड़ी आएगी, उसके आने से पांच मिनट पहले उपभोक्ता के मोबाइल में एप पर घंटी बजेगी और नोटिफिकेशन भी आएगा कि कचरे वाली गाड़ी आने वाली है, अपना कचरा बाहर रखें। ड्राइवर और हेल्पर आएगा और कचरा उठाएगा। इसके बाद कर्मचारी अपने मोबाइल में लगे एप से आरएफआईडी कार्ड के क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। इसके बाद उपभोक्ता को पता चल जाएगा कि घर का कचरा उठ गया। मोबाइल एप से उपभोक्ता यह भी देख सकते हैं कि उनके घर आने वाली कचरा गाड़ी अभी कहाँ है और कितनी देर में आएगी। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उपभोक्ता एप से ही शिकायत दर्ज करा सकेंगे। नगर निगम में खुलेगा कंट्रोल रूम नगर निगम एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बना रहा है, जिसे स्वच्छता का वॉर रूम कहा जा सकता है। यहां से अधिकारी एक ही स्क्रीन पर देख सकेंगे कि कौन सी गाड़ी कहां घूम रही है, किस घर से कचरा उठा और किससे नहीं, कहीं कोई शिकायत तो नहीं है। निगम के हर अधिकारी को एक खास मॉनिटरिंग एप दिया जाएगा। चाहे वो दफ्तर में हों या घर पर, वे कभी भी, कहीं से भी पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पर नजर रख सकेंगे। यह व्यवस्था पारदर्शिता को और मजबूत करेगी। आयुक्त ने कहा- शहर में सफाई व्यवस्था होगी बेहतर “इस पूरी प्रणाली का एक ही मकसद है कि भरतपुर को एक तकनीक आधारित, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक अनुकूल स्वच्छता मॉडल शहर के रूप में विकसित करना। यह कदम भरतपुर को स्वच्छता के मामले में देश का एक मिसाल शहर बनाने का कदम है। अब शहर में डीजल का वाहन नहीं चलेगा। ऐसे वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया है। नई ठेका कंपनी ने 55 नए सीएनजी वाहन सड़क पर उतारें हैं। इससे शहर का प्रदूषण कम होगा।” — श्रवण कुमार, नगर आयुक्त, भरतपुर।

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