रबी सीजन में जिलेवार अधिसूचित फसलों का बीमा किसान 31 दिसंबर तक करवा सकते हैं। हालांकि कागजों में सरकार ने फसल बीमा को स्वैच्छिक बता रखा है, लेकिन जिन किसानों ने फसली ऋण ले रखा है, उनके खातों से 31 दिसंबर से पहले अनिवार्य रूप से प्रीमियम काट लिया जाएगा। ऋण देने वाले संस्थान का काम किसानों को जागरूक करने का है, लेकिन सीधा कमीशन नहीं लेकर सर्विस चार्ज के रूप में 4% के लिए कर्मचारियों को लगवा कर हर केसीसी से अनिवार्य रूप से प्रीमियम काटा जा रहा है। कई जगह पटवारी भी एसआईआर के कार्य में व्यस्त है। इससे गिरदावरी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में बिना गिरदावरी के बैंक फसल बीमा करेंगे। साथ ही जिन किसानों ने अगेती फसल बुवाई की थी, उनमें से कई तो जनवरी में फसल काट भी लेंगे, उनके लिए फसल बीमा का कोई लाभ नहीं है।
अगर कोई किसान फसल बीमा के लिए सहमत नहीं है तो वह फॉर्म भरकर दे सकता है, इससे खाते से प्रीमियम नहीं कटेगा। बैंक भी अन्नदाता को यह जानकारी नहीं देते हैं। किसान चाह रहे हैं कि अनिवार्यता को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए, जिस किसान को फसल बीमा करवाना होगा, वह बैंक, ई-मित्र या सीएससी केंद्र पर जाकर स्वेच्छा से करवा लेगा। हालांकि 24 दिसंबर तक ऋण देने वाले संस्थान में असहमति पत्र देने पर किसान के खाते से बैंक प्रीमियम नहीं काट सकेंगे। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने अवगत करवाया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना रबी 2025-26 अन्तर्गत गैर ऋणी किसानों के पंजीकरण के लिए एग्रीस्टैक किसान आईडी का उपयोग और मान्यता अनिवार्य है। जिन कृषकों के पास नामांकन आईडी नहीं हो ऐसे कृषकों को मार्गदर्शन / सहायता प्रदान कराने और भारत सरकार के पत्र में 29 नवंबर को जारी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ज्ञात हो कि रबी फसल के लिए प्रीमियम राशि 1.5% है, इसी अनुपात में केंद्र व राज्य सरकार भी प्रीमियम जमा करवाती है। जिलों के लिए अलग-अलग फसलें अधिसूचित रबी सीजन में गेहूं, जौ, चना, सरसों, तारामीरा, जीरा, धनिया, ईसबगोल, मैथी, मक्का, मसूर, आंवला, बैंगन, फूलगोभी, प्याज, मटर, आलू, सौंफ, तरबूज, टमाटर, आम, लहसुन, अमरूद, नींबू आदि अधिसूचित फसलें हैं। हर जिले में अलग फसलें तय की गई हैं। उन्हीं का बीमा होगा। बैंकों को सीधे तौर पर कोई कमीशन नहीं मिलता। बैंक बीमा कंपनी के लिए एजेंट के तौर पर काम करते हैं। बिक्री पर मिलने वाला कमीशन (एजेंट कमीशन) उन्हें मिलता है।


