मुरलीपहाड़ी जामताड़ा जिला के नारायणपुर प्रखंड के दुखिया महादेव मंदिर प्रांगण में लगने वाला 15 दिवसीय करमदहा मेला मकर संक्रांति से शुरू होगा। यह मेला झारखंड के साथ बिहार उड़ीसा और पश्चिम में में अपनी ख्याति और प्रसिद्धि के लिए मशहूर है। इस कारण झारखंड के पड़ोसी राज्यों से दुकानदारों का यहां आना शुरू हो गया है। मेला लगने में अब मात्र 5 दिन ही शेष रह गए हैं। ऐसे में दुकानदार अपने साथ साजो समान के साथ मेला लगाने पहुंचने लगे हैं। मेले में आए दुकानदार और खेल तमाशे वाले लोग अपनी एक खास जगह चिह्नित कर दुकानें सजाने में व्यस्त हैं। करमदहा मेले में इस वर्ष मुख्य रूप से संथाली यात्रा, मौत का कुंआ, टोरा टोरा,ब्रेक डांस, सर्कस, तारामाची, झुला ,अप्पू घर, ड्रैगन और के अलावा सौंदर्य प्रसाधन के लिए मीना बाजार आदि लगाए जा रहे है। यह मेला लोहे की सामग्री के लिए भी खास है, क्योंकि यहां का लोहा सामान खासकर किसानों के लिए काफी अच्छा माना गया है। मेला में बिकने वाला बिहार के समस्तीपुर का खाजा काफी मशहूर है। मेले आने आने वाले लोग यहां से खाजा घर ले जाना नहीं भूलते । बाबा दुखिया की पूजा कर शुरू करते हैं दुकानदारी मेला लगाने वाले दुकानदार संजय पोद्दार, राजू दास ,निताई दास , जीरो मंडल , लखन मंडल , राजेश मंडल , मनोज दास , प्रमोद मंडल आदि ने बताया कि वे अपनी दुकान लगाने से पूर्व बराकर नदी में स्नान कर दुखिया बाबा मंदिर में जलार्पण कर पूजा करते हैं । उसके बाद ही मेले में दुकानदारी शुरू करते हैं। जब मेला की समाप्ति हो जाने पर आखिरी दिन भी बाबा मंदिर में पूजा पाठ करते हुए अगले वर्ष फिर आने और साल भर सकुशल रखने की मनोकामना बाबा से करते हैं। 59 लाख में मेले की हुई बंदोबस्ती 15 दिवसीय करमदहा मेले की बंदोबस्ती इस वर्ष भी 59 लाख 1 हजार में की गई है। चंदाडीह लखनपुर के मो इलियास ने अधिकतम बोली लगाकर बंदोबस्ती ली है। ज्ञात हो कि इस मेला से सरकार को लाखों रुपए प्रतिवर्ष राजस्व की प्राप्ति होती है। इसलिए भी करमदहा मेला झारखंड का सबसे अधिक राजस्व देने वाला मेला बन गया है। िनगरानी के िलए लगेंगे सीसीटीवी कैमरे मेला कमेटी ने बताया कि इस वर्ष भी जिला प्रशासन की ओर से मेले की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जाएगी। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के पदाधिकारी और मजिस्ट्रेट मेले में पूरे 15 दिनों तक निगरानी में लगे रहेंगे। मेला को स्वच्छ बनाने के लिए जगह जगह डस्टबिन रखी जाएगी। इससे मेले की स्वच्छता बनी रहेगी। बताया की दुखिया बाबा मंदिर से नदी जाने वाले रास्ते में अस्थाई शौचालय की व्यवस्था रहेगी।


